ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया
जौनसार बावर रविवार को बूढ़ी दिवाली के जश्न में डूबा रहा। पूरे क्षेत्र में दिवाली धूमधाम से मनाई गई। पानुवा गांव में हाथी नृत्य देखने के लिए लोग उमड़ पड़े। वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने लोकगीतों का जादू बिखेरा। समारोह में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि क्षेत्र अपनी अनूठी परंपरा के लिए प्रसिद्ध हैं। हाथी नृत्य देेखने के साथ ही उन्होंने भिरुड़ी फेंकी। इससे पहले समाल्टा गांव में नव निर्मित महासू चालदा महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना कर मंदिर में कलश चढ़ाया।
पानुवा में बूढ़ी दिवाली पर भिरुड़ी फेंकी गई। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने पंचायत आंगन पर गांव के स्याणा के साथ मिलकर भिरुड़ी फेंकी। वहीं, गांव के स्याणा मातबर सिंह राठौर ने काठ के हाथी पर बैठकर पंचायत आंगन में नृत्य किया। जबकि, जौनसारी वेशभूषा में गांव की महिला और पुरुषों ने हारुल, झेंता, रासो आदि कार्यक्रम प्रस्तुत कर समा बांध दिया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज भी खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। उन्होंने जौनसारी हारुल पर ग्रामीणों के साथ नृत्य किया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पहली बार जौनसार बावर में आकर बूढ़ी दिवाली में शामिल होने का मौका मिला है। सांस्कृतिक महोत्सव में नंदलाल भारती और उनकी टीम ने महासू वंदना के साथ ही कई जौनसारी हारुल और गीत गाए। गायिका सोनिया आनंद ने गढ़वाली गीत हाय ककड़ी... की प्रस्तुति दी। लोक गायिका संजना राज ने जौनसारी गीत गाकर जमकर तालियां बटोरी। सन्नीदयाल ने कोदों का कुदुवा, निलमा बांटेणी... गीत गाया। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, सूचना विभाग के सहायक निदेशक कलम सिंह चौहान, जिला पंचायत सदस्य गंदेल सिंह, आराध्या रावत, कांग्रेस युवा नेता अभिषेक चौहान, रूपराम राठौर, गांव के स्याणा पूरण सिंह, प्रभा देवी, पूनम देवी, रूपराम राठौर, अतर सिंह राठौर, कुंदन सिंह राठौर, दीवान सिंह, हरिशचंद राठौर, जवाहर सिंह, सनी कोइराला, अर्जुन सिंह, करम सिंह, बलबीर राठौर, रण सिंह राठौर, कल्पना राठौर आदि मौजूद रहे।