फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दर्शन फर्स्वाण और गिरीश सनवाल की प्रस्तुतियों पर झूमे दर्शक

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
देवाल। प्रथम विश्व युद्ध के शहीदों की स्मृति में आयोजित दो दिवसीय शहीद सैनिक मेले का समापन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ। मेले में लोक गायक दर्शन फर्स्वाण और गिरीश सनवाल की शानदार प्रस्तुतियों पर दर्शक खूब झूमे।
ब्लाक के सवाड़ गांव में होने वाले शहीद मेले के समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र दानू ने कहा कि इस मेले को भव्य रूप देने के लिए प्रयास किया जाएगा। समारोह के अंतिम दिन लोक गायक दर्शन सिंह फर्स्वाण की प्रस्तुति दादू गौरियां की जौला हुड़की घम घमा..., माल देश जौहार मली राजुला ल्येदे ल्येदे बांजि राजुला..., सिंगारी धुरा घाम लगैगी छोड़ दें भीना मेरी घमेली... पर दर्शक खूब थिरके। जबकि लोक गायक गिरीश सनवाल तथा संस्कृति एवं सामाजिक संस्था ने बाबा की स्तुति दैवा ओ महादेव, बिरजू भीना..., फ्यूली ज्वान हवेगै... की प्रस्तुति दी। मेला समिति ने मेले में प्रतिभाग करने वाले जीआईसी सवाड़, प्राथमिक स्कूल सवाड़, महिला मंगल दल, विद्या मंदिर देवाल, शिशु मंदिर देवाल, हिमालयन पब्लिक स्कूल देवाल सहित कई कलाकारों को सम्मानित किया गया। समारोह में मेलाध्यक्ष आलम सिंह, ज्येष्ठ उपप्रमुख हरेंद्र कोटेड़ी, कनिष्ठ उपप्रमुख मनोज कुमार, प्रधान देवकी देवी, संरक्षक धन सिंह धपोला, इंद्र सिंह, सोवन सिंह खत्री, सुरेंद्र खत्री, दर्शन सिंह धपोला, बसंती देवी, महिपाल सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन



सवाड़ गांव की समस्याएं नहीं हो पाई हल
केंद्रीय स्कूल, सड़क सुधारीकरण, स्कूल भवन की मांग नहीं हो पाई पूरी
देवाल। सैनिक बाहुल्य गांव सवाड़ की समस्याएं हल होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रथम विश्वयुद्ध से लेकर वर्तमान तक यहां हर परिवार का एक युवा सेना में सेवा दे रहा है, लेकिन यहां की समस्याएं आज तक नहीं सुलझ पाई हैं।
विज्ञापन

मेले के संस्थापक और पूर्व प्रमुख डीडी कुनियाल ने बताया कि सवाड़ गांव के 22 सैनिकों ने प्रथम विश्व युद्ध में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। द्वितीय विश्व युद्ध, पेशावर कांड, स्वतंत्रता सेनानी, आपरेशन ब्लू स्टार में भी कई सैनिकों ने भाग लिया, लेकिन इस गांव के लोगों की समस्याएं दूर नहीं हुईं। सुरेंद्र सिंह, इंद्र सिंह, पूर्व प्रधान बसंती देवी ने कहा कि गांव में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग अब तक पूरी नहीं हो पाई है, जबकि ग्रामीण करीब 5 एकड़ भूमि नि:शुल्क देने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है। गांव को जोड़ने वाली सड़क बदहाल है तो 2011 में उच्चीकृत इंटर कालेज के पास न अपना भवन और न ही शिक्षक। स्वास्थ्य सुविधा भी यहां नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम भुवनचंद्र खंडूड़ी, हरीश रावत, त्रिवेंद्र सिंह रावत, काबीना मंत्री डा. हरक सिंह सहित कई अन्य राजनीतिक हस्तियां गांव पहुंचीं लेकिन हर बार समस्याएं सुलझाने के सिर्फ आश्वासन ही मिले। जिला पंचायत अध्यक्ष रमवती देवी का कहना है कि सवाड़ की समस्याओं का मामला संज्ञान में आया है। संबंधित विभागीय अधिकारियों से विवरण मंगा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें