गोपेश्वर। बच्चों के बौद्धिक स्तर और शारीरिक विकास के लिए जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा। पहले चरण में 10 आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी सुविधाएं जुटाई जाएंगी।
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बाल विकास से जुड़े विभागीय अधिकारियों की बैठक ली और जिले की आंगनबाड़ी केंद्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम ने दस केंद्रों को मॉडल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। कहा गया कि चयनित केंद्रों में प्रोजेक्टर, ऑडियो/वीडियो किट, फर्नीचर, कलर मैट, कलर बुक, गुड्डा-गुड्डी बोर्ड, खेलकूद तथा लंबाई और वजन मापने की मशीन मुहैया कराई जाएगी। डीएम ने भोजन व्यवस्था के लिए गैस कनेक्शन तथा पढ़ाई के लिए बिजली कनेक्शन भी मुहैया कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। डीएम ने कहा कि जिन ब्लाकों में बालक-बालिकाओं का लिंगानुपात कम है, उन सभी ब्लाकों में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का व्यापक प्रचार भी किया जाए। उन्होंने जिला बाल विकास अधिकारी को 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस पर शिक्षा, खेलकूद और पठन-पाठन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित करने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर सीडीओ हंसादत्त पांडे, एसडीएम बुसरा अंसारी और डायट के प्राचार्य कुंवर सिंह आदि मौजूद थे।