ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
गैर संचारी रोगों के रोकथाम के लिए बुधवार को फैसिलेटर व आशा कार्यकत्रियों को यूनिसर्वल क्रेनिंग ऑफ कॉमन ऐंसीडीज की ट्रेनिंग दी गई। इसके तहत 30 वर्ष या इससे ऊपर आयु वर्ग के लोगों को चिह्नित किया जाना है।
कार्यक्रम के तहत राजकीय चिकित्सालय में बुधवार को यूनिवर्सल क्रेनिंग ऑफ कॉमन ऐंसीडीज की जानकारी दी गई। गैर संचारी रोग के असिस्टेंट प्रोग्राम मैनेजर अजय बिष्ट ने बताया कि इस प्रोग्राम के तहत सभी आशाएं अपने-अपने क्षेत्रों के ऐसे परिवारों का चयन करेंगी, जिनमें 30 वर्ष या उससे ऊपर आयु वर्ग के महिला और पुरुष रहते हैं। ऐसे लोगों केे चिह्नित कर आशाएं उन्हें सीबीएसी का मूल्यांकन प्रपत्र भरवाएंगी। इसके बाद वेलनेस सेंटर जो कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा उपकेंद्र में खोले जाएंगे, उनमें मल्टीलेवल हेल्थ प्रोवाइडर की ओर से स्क्रीनिंग होगी। स्क्रीनिंग में ऐसे रोगी जो गैर संचारी रोग से ग्रसित पाए जाएंगे। उनका नि:शुल्क उपचार शुरू होगा। कार्यक्रम में एएनएम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भानियावाला चंद्रेश्वरी चौहान, सरस्वती रावत, आशा नौटियाल, मयंक बंसल, अमिता चौहान तथा 59 आशाओं ने भाग लिया।
क्या होता है गैर संचारी रोग
सामान्य भाषा में ऐसा रोग जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है गैर संचारी रोग कहलाता है। ऐसे गैर संचारी पांच रोगों की रोकथाम के लिए आशाएं काम करेंगी। इन रोगों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, बच्चेदानी के मुंह का कैंसर शामिल है। ये सभी रोग खान-पान तथा रहन सहन के स्तर पर निर्धारित होते हैं।