जोशीमठ। निर्माणाधीन मारवाड़ी-थैंग सड़क के पहले चरण का काम दस साल में भी पूरा नहीं होने पर अब ठेकेदार से एक करोड़ की वसूली की जाएगी। पीएमजीएसवाई विभाग ने सड़क निर्माण के लिए अब नई टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
वर्ष 2008 में शासन से 10.5 किलोमीटर मारवाड़ी-थैंग मोटर मार्ग के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। सड़क निर्माण के लिए पहले चरण में विभाग को 3.35 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हुए थे। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सड़क निर्माण कार्य मुजफ्फरनगर के ठेकेदार रामनारायण को सौंपा गया। सड़क निर्माण कार्य वर्ष 2012 में पूरा किया जाना था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के चलते दस साल बाद भी सड़क पर पहले चरण का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। मौजूदा समय में सड़क का निर्माण कार्य देख रहे पीएमजीएसवाई के अवर अभियंता विकास बडोला ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य में लापरवाही और समय पर कार्य पूर्ण नहीं किया गया है। अब ठेकेदार से एक करोड़ तक वसूली की जाएगी। अब निर्माण के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। केंद्र सरकार से सड़क के डामरीकरण के लिए 8.15 करोड़ का बजट भी विभाग को प्राप्त हो गया है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरा कर सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
मारवाड़ी-थैंग सड़क का विवादों से रहा नाता
जोशीमठ। जोशीमठ क्षेत्र के दूरस्थ क्षेत्र थेंग को यातायात से जोड़ने के लिए बदरीनाथ हाईवे के मारवाड़ी से थेंग गांव के लिए केंद्र सरकार से सड़क की स्वीकृति मिली। ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण आज तक सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। यही वजह है कि लापरवाही और वित्तीय भ्रष्टाचार के आरोप में पूर्व में पीएमजीएसवाई के चार अवर अभियंता भी सस्पेंड हो चुके हैं। मौजूदा समय में थेंग गांव के समीप तक (10.36 किमी) हिल कटिंग कार्य पूर्ण हो गया है, लेकिन कई जगहों पर हार्ड रॉक होने के कारण सड़क संकरी और तीखे मोड़ वाली है।