ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। निकाय चुनाव निपटने के बाद एक बार फिर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। अतिक्रमण पर कार्रवाई करने को लेकर सोमवार को एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में तय किया गया कि आगामी 10 दिसंबर से नगर के शेष रह गए अतिक्रमण का चिह्नीकरण होगा और 13 दिसंबर से हटाने की कार्रवाई होगी। एक जनहित याचिका की सुनवाई पर उच्च न्यायालय नैनीताल ने ऋषिकेश में अवैध रूप से हुए अतिक्रमण पर कार्यवाही करने के लिए संबंधित विभागों को आदेश दिया गया था।
इसके बाद हरकत में आई सरकारी मशीनरी ने अतिक्रमण के खिलाफ चहलकदमी भी की लेकिन बीच में ही अभियान स्थगित भी हो गया। अब निकाय चुनाव खत्म हो गए हैं तो फिर से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान कवायद शुरू हुई है। इसी क्रम में सोमवार को एसडीएम प्रेमलाल ने नगर निगम में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक भी की। उप जिलाधिकारी ने बैठक के बाद बताया कि वर्ष 1937-1938 के राजस्व विभाग के नक्शे के अनुरूप अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए दस दिसंबर के बाद शेष रहे गए अतिक्रमण को चिह्नित किया जाएगा।
आगामी 13 दिसंबर से दो प्लाटून पीएसी और पुलिस बल के साथ अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई होगी। बैठक में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आरसी कैलखुरा, नेशनल हाइवे के सहायक अभियंता प्रवीण सक्सेना, निगम की कर व राजस्व निरीक्षक निशात अंसारी, अपर सहायक अभियंता उपेंद्र कुुमार गोयल, लोनिवि अमीन महिमानंद उनियाल, सरदार सिंह जेठुरी, नगर निगम के जेई तरुण गुप्ता, सहायक अभियंता आनंद सिंह मिश्रवाण, वरिष्ठ उप निरीक्षक मनोज नैनवाल, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के जेई भी शामिल रहे।