श्रीनगर। बिड़ला परिसर छात्रसंघ चुनाव मामले में अभाविप कार्यकर्ताओं ने कुलपति के समक्ष विरोध जताया। अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार चुनाव के दो माह बाद पुनर्मतगणना का प्रावधान नहीं है। इसलिए कुलपति अब पुर्नमतगणना के आदेश नहीं दे सकती। जबकि दूसरी ओर कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल पूर्व में मुख्य चुनाव अधिकारी को 7 दिसंबर को पुनर्मतगणना के आदेश दे चुकी हैं।
बिड़ला परिसर छात्रसंघ चुनाव विवि प्रशासन के लिए गले की हड़्डी बन गया है। सोमवार को अभाविप कार्यकर्ताओं ने प्रदेश मंत्री सुधीर जोशी व बिड़ला परिसर छात्र संघ अध्यक्ष के नेतृत्व में कुलपति से वार्ता की। पूर्व महासचिव ऋतांशु कंडारी ने कहा कि नियमानुसार छात्रसंघ चुनाव के दो माह बीत जाने के बाद पुनमर्तगणना नहीं करवाई जा सकती है, लेकिन कुलपति ने छात्रसंघ के सभी पदों पर पुनर्मतगणना के आदेश जारी किए हैं। जो नियम विरुद्ध है। छात्र संघ अध्यक्ष संदीप राणा ने कहा कि सभी मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया जाए। साथ ही मतपेटियों के सील होने से अभी तक की वीडियो रिकार्डिंग भी उपलब्ध कराई जाए। इधर, विवि प्रशासन ने छात्रों के पहचान पत्रों के भौतिक सत्यापन कराए जाने की बात कही। वहीं अभाविप कार्यकर्ताओं ने पुनर्मतगणना का विरोध करने की चेतावनी दी है। मामले में कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल पूर्व में मुख्य चुनाव अधिकारी को 7 दिसंबर को पुनर्मतगणना के आदेश दे चुकी हैं। विवि प्रशासन ने इस दिन सुरक्षा व शांति व्यवस्था के लिए एसएसपी पौड़ी से पुलिस बल की मांग भी की है। हालांकि पुनर्मतगणना को लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।