कर्णप्रयाग। विकासखंड के लंगासू गांव में आयोजित पांडव नृत्य के शताब्दी आयोजन पर श्रद्धालुओं की खूब भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर आयोजन समिति ने बुजुर्गों, आयोजकों और पश्वाओं को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। वहीं पांडव नृत्य के शताब्दी आयोजन पर स्मारिका का विमोचन भी किया।
लंगासू में पिछले 29 नवंबर से आयोजित पांडव नृत्य के दौरान सोमवार को दुर्योधन वध का आयोजन किया गया। पांडव चौक में सुबह क्षेत्रपाल और पांडवों की पूजा अर्चना के बाद ढोल दमाऊं के साथ पांडव नृत्य शुरू हुआ। इस दौरान पांडव और कौरवों के बीच युद्ध का मंचन किया गया, जिसमें पांडवों ने दुर्योधन का वध किया। इसके बाद पांडवों ने अलकनंदा नदी किनारे जाकर स्नान और पूजा अर्चना की। कार्यक्रम से पूर्व पांडव नृत्य आयोजन के शताब्दी वर्ष होने पर गांव के बुजुर्ग हो चुके आयोजक और पश्वा बचन सिंह कंडारी, विशंभर दत्त, चंद्रबल्लभ नगवाल, प्रेमबल्लभ सती सहित अन्य को शॉल देकर सम्मानित किया। पांडव नृत्य का समापन मंगलवार को महाप्रसाद वितरण और भंडारे के साथ किया जाएगा। आयोजन में सचिदानंद ने युधिष्ठिर, प्रेमबल्लभ ने भीम, प्रदीप भट्ट ने अर्जुन, सूरज नगवाल ने नकुल, रोहित मैखुरी ने सहदेव, वासुदेव ने द्रोपदी और मनीष ने दुर्योधन के पश्वा की भूमिका अदा की। इस दौरान ग्राम प्रधान सपना कंडारी, योगेंद्र सिंह, मनोज सती, उमेश सती, महवीर मेवाड़, मनोज मैखुरी, दीपक सिमल्टी, पंकज मैखुरी, पूर्व प्रधान शंभू प्रसाद शर्मा आदि मौजूद थे।