पीपलकोटी। अभ्यास के दौरान हुए विस्फोट में शहीद हुए स्यूंण गांव के सुरजीत सिंह राणा का सोमवार को पैतृक घाट दूधगंगा के तट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के शोक में पीपलकोटी बाजार बंद रहा। शहीद के बड़े भाई महावीर राणा और भतीजे अजय राणा ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।
बीते शनिवार को जम्मू की अखनूर तहसील के पालावाला सेक्टर में अभ्यास के दौरान हुए धमाके में दस गढ़वाल राइफल के जवान स्यूंण गांव निवासी सुरजीत सिंह (30) शहीद हो गए थे। रविवार को शहीद का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से जौलीग्रांट देहरादून लाया गया। देर रात तक सेना के वाहन से पार्थिव शरीर को श्रीनगर तक लाया गया। सोमवार को सुबह करीब दस बजे शहीद का पार्थिव शरीर स्यूंण गांव पहुंचाया गया। जैसे ही शहीद के पार्थिव शरीर को गांव में लाया गया, परिजन ताबूत पर लिपटकर रोने-बिलखने लगे। ताबूत में बंद शहीद के शव को देख गांव के बुजुर्ग, महिलाओं, युवाओं और बच्चों की आंखें नम हो गई। शहीद के घर में मां के साथ ही बड़ा भाई महावीर राणा व उसका परिवार रहता है। शहीद सुरजीत की पत्नी की एक वर्ष पूर्व मौत हो गई है और उनकी कोई संतान नहीं है। सुरजीत के सिर से पिता का साया बचपन में ही छिन गया था।
करीब एक घंटे तक घर में रखने के बाद पार्थिव शरीर को करीब तीन किमी दूर पैदल पैतृक घाट दूधगंगा के तट पर लाया गया। ब्रिगेडियर कर्नल अनिल कुमार पुंडीर, कर्नल हिमांशु मिश्रा, चमोली की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, एसडीएम परमानंद राम, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, ग्राम प्रधान जगदीश नेगी, रविंद्र नेगी सहित सैन्य अधिकारियों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने शहीद सुरजीत की शहादत को नमन कर शहीद के परिजनों को हर संभव मदद देने की बात कही।