ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। मैं अनिता ममगाईं नगर निगम ऋषिकेश से महापौर नवनिर्वाचित हुई हूं। ईश्वर की शपथ लेेती हूं कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति श्रद्धा और निष्ठा रखूंगी। मैं भारत की प्रभुता तथा अखंडता को बनाये रखूंगी और जिस पद को मैं ग्रहण करने वाली हूं उसके कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक पालन करूंगी। इन्हीं शब्दों से नगर निगम ऋषिकेश की पहली मेयर अनिता ममगाईं ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। शपथ जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने उन्हें दिलाई।
निगम के पहले शपथ ग्रहण समारोह में संत समाज को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था। इनमें सिद्धपीठ हनुमान मंदिर के संत महामंडलेश्वर रामेश्वरदास महाराज, महंत बलबीर, महंत विनय सारस्वत, विचारक आचार्य पंकज, राजीव लोचन आश्रम के स्वामी ह्यग्रीवाचार्य महाराज, सोमेश्वर मंदिर के महंत रामेश्वर गिरी, तुलती मानस मंदिर के महंत पंडित रवि शास्त्री, कबीर चौरा आश्रम के संत प्रदीप दास महाराज, अखंड महायोग आश्रम से स्वामी अखंडानंद महाराज तथा शहीदों के परिजन भी उपस्थित रहे।
शपथ ग्रहण समारोह में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की भी गूंज रही। शपथ ग्रहण में आ रहे अतिथियों के स्वागत के लिए पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल और दमाऊ की थाप के साथ स्थानीय ढोल भी बजते दिखे। लोक कला की झंकार से दर्शक भी काफी खुश दिखे। शपथ ग्रहण संपन्न हो जाने के बाद मेयर अनिता ममगाईं सीधे सरकारी वाहन से नगर निगम कार्यालय पहुंचीं। सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी ने निगम के सभी कर्मचारियों से मुलाकात कराई। इसके बाद उन्होंने मेयर को निगम के अलग-अलग विभागों में ले जाकर भ्रमण कराया। विभागों कक्ष के बाद बोर्ड न लगा होने पर उन्होंने सहायक नगर आयुक्त को नाम पट्टिका लगाने को कहा। इसके बाद वह निकल गयी।
जलपान के दौरान दर्शकों ने टैंट उखाड़ा
शपथ ग्रहण समारोह में दर्शकों के लिए सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री के जाने के बाद दर्शकों का झुंड जलपान की ओर दौड़ा। देखते ही देखते सभी छह स्टालों पर हुजूम टूट पड़ा। बांटने वालों की संख्या कम पड़ जाने के कारण भीड़ उग्र हो गई। इसी दौरान अव्यवस्था फैल गई और स्टाल के लिए लगा टैंट दर्शकों की भीड़ ने गिरा दिया। कई दर्शक हलवाई तक जा पहुंचे और जलपान के लिए बहस करते दिखे। इस दौरान स्वच्छ भारत अभियान की भी धज्जियां उड़ती नजर आईं। कार्यक्रम स्थल पर जलपान की व्यवस्था तो कर दी गई थी लेकिन कूड़ेदान नदारद दिखे। लोगों ने चाय, पकोड़े का नाश्ता करने के बाद खाली प्लेट और डिस्पोजल ग्लास मैदान में फेंक दिए और चलते बने।
पार्षदों के शपथ कार्यक्रम में माइक हुआ खराब
कार्यक्रम को जल्दी समेटने के चक्कर में व्यवस्थापकों ने 10-10 पार्षदों को एक साथ शपथ ग्रहण करवाना शुरू किया। हालात यह रहे कि करीब चार माइक लगाने के बावजूद सिर्फ एक ही काम करता दिखा। बाकी के माइक शोपीस बने रहे। नतीजा यह हुआ कि एक पार्षद की आवाज गूंजती रही बाकी लोग खड़े-खड़े कोरम पूरा करते रहे। कुछ ने तो शपथ को दोहराना छोड़ समर्थकों का अभिवादन निबटाना शुरू कर दिया। इस बीच कुछ पार्षदों ने इस हास्यास्पद व्यवस्था पर आपत्ति भी जताई लेकिन आवाज दबकर रह गई।
सेल्फी लेने को उमड़ी भीड़
शपथ ग्रहण संपन्न हो जाने के बाद पहली मेयर अनिता ममगाईं के साथ सेल्फी लेने वालों की होड़ सी मच गई। इस दौरान भी काफी अव्यवस्था देेखने को मिली। हालांकि महिला पुलिस ने बीच में आकर भीड़ पर काबू पाया। इसके बाद मेयर अनिता ममगाईं नगर निगम कार्यालय पहुंची।