ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। आज करीब 32 साल के लंबे इंतजार के बाद चालदा महासू देवता की पालकी कोटी कनासर गांव में प्रवेश करेगी। इस देव पल का साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में लोग यहां उमड़ेंगे। इसके लिए मंदिर समिति ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। मंदिर का विशेष श्रृृंगार किया गया है। इससे पूर्व बृहस्पतिवार को देव पालकी ने भडियारा गांव में प्रवेश किया। रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार को देव पालकी कोटी कनासर गांव में प्रवेश करेगी। यहां करीब एक साल तक देवता प्रवास करेंगे।
मंदिर समिति कोटी के अध्यक्ष शमशेर सिंह ने बताया कि देव पालकी के स्वागत को लोगों में खासा उत्साह है। बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचना शुरू हो गए हैं। एक अनुमान के मुताबिक जब देवता मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश करेंगे तो यहां पर 10-15 हजार लोग मौजूद रहेंगे। चालदा महासू देवता हमेशा चलायमान रहते हैं। ऐसे में करीब 32 साल के लंबे अर्से बाद देवता गांव की धरा पर प्रवेश कर रहे हैं। बताया कि सुबह देवता वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मंदिर में प्रवेश करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए रात्रि भंडारे की व्यवस्था की गई है। मालूम हो कि चालदा महासू देवता हिमाचल प्रदेश के साथ ही जौनसार बावर और रंवाई क्षेत्र के भी आराध्य हैं। 12 साल तक देवता पासवील (टोंस पार का इलाका) और 12 साल सांठवील (जौनसार बावर) क्षेत्र में प्रवास करते हैं। ऐसे में अब देवता सांठवील क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। इस मौके पर राजू नौटियाल, रामलाल सेमवाल, लायकराम जोशी, आत्माराम जोशी, शांति डोभाल, जगमोहन, राजेंद्र सिंह, मंटू, गोविंद, यशपाल, भगतराम, प्रताप आदि मौजूद रहे।