लैंसडौन। कदम-कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा, ए जिंदगी है कौम की तू कौम पे लुटाए जा.. रेजीमेंटल बैंड की इस देश भक्ति गीत की धुन पर पासिंग आउट परेड करते हुए गढ़वाल राइफल्स के 240 रिक्रूट भारतीय थल सेना के अभिन्न अंग बन गए। बतौर पुनरीक्षण अधिकारी ब्रिगेडियर राजन सहरावत ने इन रणबांकुरों को देश की आन, बान और शान की रक्षा करने की शपथ दिलाई।
शनिवार को गढ़वाल राइफल्स हेडक्वार्टर लैंसडौन के परेड ग्राउंड में पुनरीक्षण अधिकारी डिप्टी डायरेक्टर जनरल एमपी एवं पीएस एकीकृत मुख्यालय ब्रिगेडियर राजन सहरावत ने कोर्स संख्या 83 की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया और जवानों की सलामी ली। भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में रिक्रूट सतीश, हरदेव सिंह, पवन सिंह, अनिल सिंह की अगुवाई में 240 रिक्रूटों की चार टुकड़ियों ने रेजिमेंटल बैंड की धुनों पर शानदार परेड का प्रदर्शन किया। इस दौरान रिक्रूटों ने धर्मगुरु द्वारा लाए गए धर्मग्रंथ पर अपना दाहिना हाथ रखते हुए कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने का संकल्प लिया। टोली में धर्मगुरु पंडित शंशाक शेखर डिमरी, सुबेदार भूपेंद्र सिंह, नायब सुबेदार राहुल रोडियाल, नायब सुबेदार रोबिन सिंह, सीएचएम ध्यान सिंह, सीएचएम बिजेंद्र सिंह शामिल रहे। शपथ ग्र्रहण के बाद सभी रिक्रूटों के अपने दाहिने कंधे पर बहादुरी की प्रतीक रायल रस्सी लाल रंग का स्कारलेट धारण करते ही उन्हें राइफलमैन का दर्जा मिला।
राइफलमैन हुए सम्मानित
34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण में विभिन्न क्रियाकलापों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले नवनियुक्त राइफलमैनों को पुनरीक्षण अधिकारी ब्रिगेडियर राजन सहरावत के हाथों पदक प्रदान कर सम्मानित किया। राइफलमैन नितिन नेगी को र्स्वण, राइफलमैन अंकित कैंथूरा को रजत, राइफलमैन राजेंद्र सिंह को कांस्य के अलावा सर्वश्रेष्ठ फाइरिंग के लिए भी पदक प्रदान किया गया। ड्रिल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए राइफलमैन भूपेंद्र सिंह, फिजीकल में अग्रणी रहे राइफलमैन सतेंद्र सिंह को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। जबकि बेस्ट अनुदेशक का पदक हवलदार राकेश सिंह, बेस्ट प्लाटून कमांडर के लिए नायब सुबेदार गंगा सिंह को सम्मानित किया गया। कोर्स बैनर के लिए सूबेदार जयंत सिंह को पदक प्रदान किया गया।