गोपेश्वर। नगर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन आयोजित जल कलश यात्रा में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान भक्तों ने भजन-कीर्तन भी किए।
बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न ग्यारह बजे वैतरणी जलकुंडी से धार्मिक अनुष्ठान स्थल तक जलयात्रा निकाली गई। इसके बाद आयोजित भागवत कथा में कथावाचक आचार्य डा. प्रदीप सेमवाल ने कहा कि समाज में फैली कुरीतियों को ऐसे धार्मिक आयोजनों से दूर किया जा सकता है। श्रीमद्भागवत कथा मर्यादा, आचरण और नैतिकता का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन भी किया। उन्होंने कहा कि जीव एक बहते झरने के समान है, जिस प्रकार झरना बिना किसी रुकावट के निरंतर बहता रहता है, उसी तरह मनुष्य को भी सत्कर्मों और कर्तव्यों का निरंतर पालन करना चाहिए। मुख्य यजमान पुष्पा सती, गोविंद प्रसाद और लक्ष्मी प्रसाद ने पंच पूजा संपन्न कराई। आचार्य चंद्रमोहन थपलियाल, आचार्य शिवा भट्ट, विकास मैठाणी, प्रेमबल्लभ देवरानी, पुरुषोत्तम जोशी ने बताया कि शुक्रवार को पूर्णाहुति के साथ श्रीमद्भागवत कथा का समापन होगा।