ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
चारधाम यात्रा में प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ दर्शन के लिए देवभूमि पहुंचे। इस वर्ष यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब सात लाख इक्यावन हजार तीन सौ अस्सी रही। इसमें तेरह हजार सत्तर विदेशी श्रद्धालु भी शामिल हैं।
चारधाम की यात्रा अप्रैल माह से शुरू हुई थी। गंगोत्री, यमुनोत्री के कपाट 18 अप्रैल को खुले थे। केदारनाथ के कपाट 29 अप्रैल व बदरीनाथ के कपाट 30 अप्रैल से खुलेे। इस साल चारधाम की यात्रा में अलग उत्साह देखने को मिला। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। वहीं अमेरिका, कनाडा, इटली से आदि से भी श्रद्धालु पहुंचे। बायोमीट्रिक अधिकारी प्रेमानंद ने बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं के अलावा विदेशी पर्यटकों में भी चारधाम यात्रा को लेकर काफी उत्साह रहा। बड़ी संख्या में पर्यटक यमुनोत्री, गंगोत्री धाम पहुंचे। फिलहाल अब विधि विधान से पूजा अर्चना के साथ अगले छह माह के लिए 20 अक्टूबर से गंगोत्री कपाट, 21 अक्टूबर से केदारनाथ कपाट व 21 अक्टूबर से यमुनोत्री कपाट और 20 नवंबर से बदरीनाथ के कपाट बंद हो चुके हैं।
मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना से लाभांवित हुए बुजुर्ग
ऋषिकेश टूरिस्ट ऑफिस इंचार्ज वाईएस कोहली ने बताया कि पिछले साल की तरह इस साल भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से ऊपर की आयु वाले व्यक्तियों के लिए एक धाम की यात्रा नि:शुल्क रखी गई थी। योजना के तहत जिन बुजुर्गों की ओर से इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरा जाता है और उनके परिवार की आय के कोई विशेष साधन नहीं होते हैं उन्हें इस योजना का लाभ मिलता है।