श्रीनगर। पौड़ी जिले में ग्राम पंचायत जनासू और डुंगरीपंथ में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग परियोजना के तहत चल रहे नापभूमि कार्य को ग्रामीणों ने रोक दिया है। वर्तमान में रेल विकास निगम लि. (आरवीएनएल) उक्त गांवों में सुरंग और पुल की एप्रोच रोड का निर्माण कार्य करवा रहा है, लेकिन ग्रामीणों के प्रतिकर राशि बढ़ाने की मांग के चलते काम नहीं हो पा रहा है।
डुंगरीपंथ के निवासियों की अपील पर नैनीताल हाईकोर्ट ने सुनवाई की तिथि 11 से 13 दिसंबर तय की है। मुआवजा प्रकरण को लेकर डुंगरीपंथ के प्रभावित कोर्ट चले गए थे। पौड़ी जिले में प्रभावित काश्तकार मुआवजे को बहुत कम बता रहे हैं। दरअसल आरवीएनएल की ओर से उनको सर्किल रेट के चार गुना प्रतिकर मिल रहा है। जबकि इन क्षेत्रों में जमीन के दाम सर्किल रेट के कई गुना है, जिसके चलते ग्रामीणों ने प्रतिकर लेने से मना कर दिया है। इस संबंध में जिला प्रशासन व आरवीएनएल की प्रभावितों के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन सहमति नहीं बन पा रही है। यहां तक कि डुंगरीपंथ के ग्रामीण प्रतिकर बढ़वाने के लिए हाईकोर्ट की शरण में चले गए। ग्राम प्रधान डुंगरीपंथ त्रिभुवन राणा का कहना है कि अभी तक मुआवजा तय नहीं हुआ है और आरवीएनएल ने नापभूमि खोद डाली है। कटिंग से सिंचाई नहर टूट गई है। कुछ आवासीय भवन भी ध्वस्त कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने तय किया है कि जब तक प्रतिकरण मामले का निस्तारण नहीं होता, तब तक काम नहीं करने दिया जाएगा।
-- ग्रामीण मुआवजा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। जब मामला न्यायालय में चल रहा है, तो हम इस पर ग्रामीणों को लिखित में नहीं दे सकते हैं। सरकारी भूमि में काम चल रहा है। जो अगले हफ्ते तक पूरा हो जाएगा। जनासू और डुंगरीपंथ में नापभूमि में एप्रोच रोड बनाने का काम चल रहा था। जो रुक गया। -बीपी बडोगा, डीजीएम आरवीएनएल श्रीनगर