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घनी आबादी के बीच उड़ेला जा रहा आश्रमों का कूड़ा

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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
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स्वच्छता अभियान को तीर्थनगरी के प्रतिष्ठित आश्रम ही दगा दे रहे हैं। नगर पंचायत की ओर से रोजाना हो रही कूड़े की उठान का ब्योरा खंगाला गया तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। गंगा और स्वच्छता अभियान के प्रेरक उपदेश देने वाले आश्रम ही गंदगी का सबसे बड़ा स्रोत हैं। इस दोहरे चरित्र का दंश लक्ष्मणझूला में रहने वाली आबादी झेल रही है। क्षेत्र के लोग अक्सर संक्रमण का शिकार होते हैं। कई बार इस मुसीबत से निजात दिलाने की गुहार भी हुई, लेकिन दावों के शोर में समस्या के समाधान की मांग दब गई।
दरअसल स्वर्गाश्रम जौंक नगर पंचायत का लक्ष्मणझूला क्षेत्र अघोषित रूप से ट्रंचिंग ग्राउंड बन गया है। घनी आबादी के बीच नगर पंचायत की ओर से भी कचरा डंप किया जा रहा है। यहां एक हरे भरे आम के बाग को अनधिकृत तौर पर ट्रंचिंग ग्राउंड में तब्दील कर दिया गया। यहां प्रतिदिन 60 से 70 क्विंटल कूड़ा डंप हो रहा है। स्वर्गाश्रम जौंक नगर पंचायत के रजिस्टर इस गंदगी की कलई खोल रहे हैं। रोजाना तैयार होने वाले इस ब्योरे के मुताबिक लोगों के बीच कचरा फैलाने में तीर्थनगरी के आश्रम अव्वल हैं। परमार्थ निकेतन आश्रम से रोजाना 10 क्विंटल, गीता भवन से 10 क्विंटल, वानप्रस्थ आश्रम से 10 क्विंटल कूड़ा निकलता है। इसके अलावा विभिन्न होटलों से निकलने वाला करीब 20 क्विंटल कूड़ा निकलता है। यह कूड़ा नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक में बस्ती के बीच बने अघोषित ट्रंचिंग ग्राउंड में ढेर किया जाता है। इस अघोषित ट्रंचिंग ग्राउंड को हटवाने के लिए स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने कई बार धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही शासन-प्रशासन की चौखट पर भी गुहार लगाई, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
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कूड़ा निस्तारण मशीन सिर्फ दिखावा
करीब पांच माह पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने समारोहपूर्वक परमार्थ निकेतन आश्रम में कूड़ा निस्तारण प्लांट का उद्घाटन किया था। संयंत्र में नगरभर के कूड़े को इकट्ठा कर रिसाइकिल जाना था और इससे बनने वाली खाद किसानों में बांटने की योजना थी। फिलहाल संयंत्र नहीं चलने की वजह से नगर क्षेत्र का सारा कूड़ा आबादी के बीच फेंका जा रहा है।
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ट्रंचिंग ग्राउंड को अन्यत्र हस्तांतरित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया गया है। इसके लिए भूमि की तलाश की जा रही है। शासन स्तर पर जैसे ही भूमि उपलब्ध होगी ट्रंचिंग ग्राउंड को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
-मोहन प्रसाद गौड़, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक
दिसंबर में शुरू हो जाएगा रिसाइकिल प्लांट
कूड़ा निस्तारण प्लांट लक्ष्मण झूला क्षेत्र में शिफ्ट किया जाएगा। संयंत्र इसी मकसद से लगाया गया था कि गंदगी का निस्तारण हो सके। व्यावहारिक बात है कि रोजाना कूड़ा जमा करवाना और मशीन संचालित करना संभव नहीं हो पाया। दो कंपनियों से बात चल रही है। संभवत: पहली दिसंबर से संयंत्र चालू कर दिया जाएगा। संयंत्र से निकलने वाली खाद किसानों में बांट दी जाएगी। इसी तरह का एक संयंत्र मुनिकीरेती में भी लगाने की योजना है। मुनिकीरेती क्षेत्र में करीब 12 टन, स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्र से 70 से 80 क्विंटल और ऋषिकेश में 30 टन कूड़ा रोजाना निकलता है।
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-स्वामी चिदानंद सरस्वती, परमाध्यक्ष, परमार्थ निकेतन
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परमार्थ में स्थापित कूड़ा निस्तारण प्लांट चालू है या नहीं, इस बारे में मुझे ठीक जानकारी नहीं है। मैं स्वामी जी से वार्ता करुंगा। जल्द ही कूड़ा निस्तारण के लिए बेहतर समाधान निकाला जाएगा।
-माधव अग्रवाल, नवनिर्वाचित अध्यक्ष, नगर पंचायत, स्वर्गाश्रम जौंक
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