पीपलकोटी। सियासैंण में स्थित हनुमान मंदिर में चल रही रामकथा में मंगलवार को कथावाचक सुरेंद्र प्रसाद कोठियाल ने राम जन्म का मनमोहक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राजा दशरथ के पुण्य राम बनकर तथा जनक के पुण्य सीता बनकर प्रकट हुए। सार यह है कि मां-बाप के पुण्य उनकी संतानों पर लगते हैं। उन्होंने कहा कि रामायण में भरत और महाभारत में राधा प्रेम के प्रतीक थे। यदि मरकर भी अमर रहना चाहते हैं तो पीपल और बरगद के पौधों का रोपण करो, जिससे इनकी पूजा और छांव में बैठने वाले आपको नित्य याद करें। हनुमान मंदिर के पुजारी तारा दत्त पुरोहित ने कहा कि विश्व शांति के लिए यह धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में जैसाल, हाट, बाटुला, सिरकोट, लुहां, दिगोली, मेहरगांव, मायापुर, पीपलकोटी व सल्ला गांवों के भक्त हनुमान के दर्शनों को पहुंच रहे हैं।