फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चमोली में क्षतिग्रस्त पड़ी 31 सिंचाई नहरों को बजट का इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
गोपेश्वर। चमोली जिले में आपदा से 31 सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त पड़ी हुई हैं, जिससे ग्रामीण अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। नहरों के सुधारीकरण के लिए विभाग बजट का रोना रो रहा है।
विज्ञापन

जिले में 94 सिंचाई नहरों में से 39 नहरों में आंशिक रुप से पानी की सप्लाई हो रही है। राजकीय सिंचाई विभाग ने क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत के लिए सितंबर माह में एक करोड़ 72 लाख का बजट मांगा था, लेकिन विभाग को मात्र 64 लाख रुपये ही मिल पाए हैं। नंदप्रयाग के मंगरोली गांव में गत जुलाई माह में नंदाकिनी के बहाव से सिंचाई नहर तहस-नहस हो गई थी, बजट के अभाव में सुधारीकरण कार्य नहीं हो पाया है। पोखरी के बमोथ गांव, ग्राम पंचायत सेम-सांकरी, श्रीगढ़, पाटी-जखमाला क्षेत्र और घाट क्षेत्र के गांवों में भी सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त पड़ी हुई हैं।
पोखरी के मोहन सिंह नेगी, ताजवर सिंह, मनवर सिंह, अनिल और पारेश्वरी देवी का कहना है कि जिले में सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। पूर्व में इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता बहादुर सिंह का कहना है कि शासन से बजट की मांग की गई है। विभाग को एक करोड़ 72 लाख के बजट की मांग के बदले मात्र 64 लाख ही मिल पाया है। इससे प्राथमिकता के आधार पर नहरों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें