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सूचना न देने पर गढ़वाल विवि के तीन अधिकारियों पर 25 हजार का जुर्माना

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श्रीनगर। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना उपलब्ध नहीं कराना गढ़वाल विवि प्रशासन को महंगा पड़ गया। केंद्रीय लोक सूचना आयोग ने गढ़वाल विवि के तीन अधिकारियों पर 25-25 हजार का जुर्माना लगाया है। उक्त तीनों अधिकारियों के वेतन से पांच माह तक पांच-पांच हजार की कटौती कर जुर्माने की राशि वसूली जाएगी।
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देहरादून निवासी अमित कुमार ने स्नातक (बीकॉम) उत्तीर्ण करने के 13 साल बाद भी डिग्री न दिए जाने पर पीजी कालेज डाकपत्थर विकासनगर से तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। कालेज के प्राचार्य ने आवेदन गढ़वाल विवि के सूचना प्रकोष्ठ को भेज दिया था, लेकिन विवि प्रशासन की ओर से अपीलकर्ता को सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। अपीलकर्ता ने विवि के अपीलीय अधिकारी के यहां भी अपील की। अपीलीय अधिकारी के आदेश के बाद भी अपीलकर्ता को सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद अपीलकर्ता ने केंद्रीय सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने मामले की जांच के लिए केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के उच्च शिक्षा संयुक्त सचिव जीसी हसोर को नियुक्त किया। संयुक्त सचिव की जांच रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने विवि के सूचना अधिकार प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी प्रो. वाईएस फरस्वाण, उपकुलसचिव परीक्षा एचएम अरोड़ा व उपाधि विभाग के कार्यालय अधीक्षक उमा प्रसाद पर 25-25 हजार का जुर्माना लगाया। आयोग ने उक्त तीनों अधिकारियों के वेतन से पांच माह तक 5-5 हजार रुपये की धनराशि काट कर जुर्माने की रकम वसूल करने के लिए निर्देश दिए।
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