गौचर। मेला की दूसरी सांस्कृतिक संध्या लोक संगीत की विविध संस्कृतियों से भरी रही। दादू गौरिया की जैल्यां हुडुकी..., हो सुआ तेरा प्यार मां... की प्रस्तुति ने धूम मचाई। मिश्र से पहुंचे कलाकारों ने तनौरा डांस पेश किए।
मेले की सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत जयगोपीनाथ कला संगम के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई। संस्था के कलाकारों ने गढ़वाल और कुमाऊं की सांस्कृतिक लोक परंपरा की छटा बिखेरी। मंच पर द्रोपदी चीर हरण का मंचन किया गया। लोक गायक सुशील राजश्री और टीम ने कई गीत गाए। लोक गायक मंगलेश डंगवाल ने जय हो तेरी जय जगदंबा..., मेरी सुभागा सजीली, फुर्की बांद, माया बांद..., मेरी छौंदाड़ी की प्रस्तुति दी। गायक मोहित सती व गायिका कौशल पांडे ने भी कई प्रस्तुति दी। मिश्र से पहुंचे कलाकार तनूर अफरान ने तनौरा नृत्य की विविध शैलियों और विपिन राठौर रॉक क्रॉफ्ट इवेंट एंड प्रमोशन नई दिल्ली के सौजन्य से सैंड आर्टिस्ट रजत ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और भगवान बदरीनाथ की प्रतिमा बनाई। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, केदारनाथ विधायक मनोज रावत, डीएम स्वाति एस. भदौरिया, डीएम अल्मोड़ा नितिन भदौरिया, पालिकाध्यक्ष अंजू बिष्ट आदि मौजूद थे।
विभागीय योजनाओं की दी जानकारी
गौचर। मेला पांडाल पर आयोजित समाज कल्याण विभाग की गोष्ठी में विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरेंद्र लाल ने जनप्रतिनिधियों से पात्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की अपील की। कृषि एवं उद्यान विभाग की गोष्ठी में काश्तकारों को खेती और बागवानी के लिए विभाग द्वारा मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। गोष्ठी में सीपी चमोली, देवेंद्र बर्त्वाल, प्रेमप्रकाश शैली, गिरीश चंद्र शर्मा मौजूद थे। वहीं रविवार होने की वजह से मेले में लोगों की खूब भीड़ उमड़ी। जाम और वाहनों की तादात ने पुलिस के भी पसीने छुड़ाए।