देवप्रयाग। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय शास्त्रीय स्पर्धा के विजयी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र, स्मृति चिह्न व नकद राशि से पुरस्कृत किया गया। श्रीमद् दयानंद आर्ष ज्योतिर्मठ गुरुकुल पौंधा देहरादून के प्रतिभागी स्पर्धाओं में हावी रहे।
संस्थान परिसर में आयोजित स्पर्धाओं के अंतर्गत कंठ पाठ श्रेणी की काव्य स्पर्धा में श्रीमद् दयानंद आर्ष ज्योतिर्मठ गुरुकुल पौंधा देहरादून के देवव्रत प्रथम व रासंसं देवप्रयाग के दीपक नौटियाल द्वितीय रहे। भगवत्गीता कंठ पाठ में वैदिक गुरुकुल हरिद्वार के सत्यम प्रथम व पतंजलि गुरुकुलम मूल्यागांव की दीक्षा रहे।
अष्टाधायी कंठ पाठ में पौंधा के भानुप्रताप प्रथम व उत्तराखंड संस्कृत विवि हरिद्वार के आशुतोष काला द्वितीय और अमरकोष पाठ में पौंधा के कैलाश प्रथम व रासंसं के राम तिवारी द्वितीय रहे। धातु रूप कंठ पाठ में पौंधा के सारांश विजयी रहे। साहित्य संभाषण में श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय हरिद्वार के सौरभ जोशी, वेदांत संभाषण में रासंसं के अनुरुद्ध त्रिपाठी और वेद भाष्य संभाषण में पौंधा के ईश्वर सिंह रावत विजयी रहे।
अंत्याक्षरी स्पर्धा में पौंधा के सत्यप्रकाश प्रथम व श्री भगवानदास हरिद्वार के अनिल भट्ट द्वितीय रहे। समस्या पूर्ति में पौंधा के कैलाश प्रथम व सारांश द्वितीय और शास्त्रार्थ विचार में रासंसं के किशोर कुमार प्रथम व हरिश्चंद्र डंगवाल द्वितीय रहे। साहित्य श्लाका परीक्षा में पौंधा के अभिषेक परगाई, व्याकरण में रासंसं के श्यामदेव और पुराण इतिहास में पौंधा के लव सेमवाल विजयी रहे। शास्त्रीय स्पूर्ति स्पर्धा में रासंसं के किशोर कुमार व हरिश्चंद्र डंगवाल प्रथम और पौंधा के जसुदेव व अनिल भट्ट द्वितीय रहे।