श्रीनगर। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत सहित स्थानीय निवासियों और आंदोलनकारियों को सोशल मीडिया में अपशब्द लिखना एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड के छात्रों को महंगा पड़ सकता है। पुलिस ने इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। कोतवाली पुलिस ने एनआईटी के कुलसचिव को नोटिस जारी कर संबंधित छात्रों का ब्योरा तलब किया है।
मालूम हो कि एनआईटी के मसले पर छात्र और स्थानीय जनता आंदोलनरत हैं। छात्र जहां कैंपस को सुविधाजनक शिफ्ट करने की मांग के लिए चार अक्तूबर से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। वहीं जनता श्रीनगर के आसपास स्थायी कैंपस के निर्माण की मांग कर रही है। पिछले दिनों आंदोलन संबंधी फोटो सोशल मीडिया में अपलोड होने के बाद आंदोलनकारियों के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया। साथ ही पहाड़ के बारे में सोशल मीडिया में गलत छवि बनाने की कोशिश की गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री और राज्य मंत्री धन सिंह पर भी फेसबुक व ट्वीटर पर अभद्र टिप्पणी की गई। टिप्पणी करने वाले एनआईटी के छात्र बताए जा रहे हैं। जिस पर विगत 14 नवंबर को प्रगतिशील जनमंच, व्यापार संघ और छात्र संगठनों ने कोतवाली में स्क्रीन शॉट के साथ उक्त छात्रों के खिलाफ तहरीर दी थी। कोतवाली के एसएसआई प्रदीप नेगी ने बताया कि एनआईटी के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया गया है। मामले में शामिल छात्रों का ब्योरा देने के लिए कहा गया है।