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हमने अपना फर्ज निभाया अब जनप्रतिधियों की बारी

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। पहली बार तीर्थनगरी में हुए नगर निगम चुनाव में युवाओं ने खूब भागीदारी की। पिछले कई महीने से प्रत्याशियों की ओर से हो रहे लोक लुभावने नारों और वादों के बाद मतदान का उत्सव भी बीत गया। इसी को लेकर युवाओं से परिचर्चा की गई। सभी मतदाता इस मुद्दे पर एकमत दिखे कि हमने तो अपना कर्तव्य निभा दिया, अब जो भी विजयी होकर आए वह अपने वादों के मुताबिक क्षेत्र की उम्मीदों पर खरा उतर चुनाव की गरिमा को बरकरार रखे।
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27 वर्षीय व्यापारी रोहित पाल का कहना है कि शहरी गलियों और मोहल्लों से गंदगी को साफ किया जाए। वहीं 36 वर्षीय दिनेश कोहली का कहना है कि शहर से अवैध रूप से बिकने वाली शराब पर सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए। रायशुमारी के दौरान कुछ उम्मीदें ऐसी भी व्यक्त की गईं जो सपने से कम नहीं। इसी क्रम में 29 वर्षीय गृहणी संगीता का कहना है कि प्रत्येक घर से एक सदस्य को सरकारी नौकरी मुहैया कराई जाए। पीजी कॉलेज के 18 वर्षीय छात्र प्रश्नजीत का कहना है कि कॉलेज में अध्यापकों की कमी है। इससे छात्रों का भविष्य अंधकार में है। जो भी मेयर बनकर आए, उससे यही उम्मीद है शिक्षकों के रिक्त पद भरे।
19 वर्षीय बीकॉम छात्र अमन व्यवस्थागत पहलू पर बेहद क्षुब्ध दिखे। उनका कहना है कि मवेशी कॉलेज परिसर में घूमते रहते हैं। इनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं। लगता है कॉलेज परिसर न होकर चारागाह बन गया हो। ओंकारानन्द इंस्टीट्यूट ऋषिकेश के 24 वर्षीय छात्र आजाद सिंह रावत का कहना है कि हमारा प्रत्याशी ऐसा हो जो शिक्षा, पेयजल, प्रौढ़-शिक्षा, बिजली, वुमन एंपावरमेंट एवं शहरी विकास में अपना पूर्ण योगदान दें।
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