ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। नगर निगम के पहले ही चुनाव में चुनाव आयोग की व्यवस्थाओं की पोल खुलकर सामने आ गई है। अफसरों की लापरवाही के चलते क्षेत्र के कई मतदाता वोट डालने से वंचित रह गए। दूसरी ओर 9 व 10 साल के बच्चों का नाम मतदाता सूची में होने के कारण उन्हें वोट डालने के लिए योग्य पाया गया। खास बात यह रही कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर लोगों के नाम तो हैं, लेकिन जारी की गई लिस्ट से नाम गायब हैं। इस खामी को लेकर मतदाताओं में दिनभर अफरातफरी का माहौल बना रहा। मौके पर मौजूद अफसर सुनने को तैयार न थे। लिहाजा चुनाव आयुक्त को मेल पर शिकायत की गई और दोषी अफसरों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई है। नगर निगम ऋषिकेश के अंतर्गत आवास विकास कॉलोनी निवासी सुनील नागपाल ने बताया कि चुनाव आयोग की वेबसाइट में पड़ी मतदाता सूची में उनका नाम है। जबकि बूथों पर जारी मतदाता सूची से उनके परिवार का नाम ही गायब है। यह मजाक सिर्फ सुनील के साथ ही नहीं हुआ। आवास विकास कॉलोनी के दर्जन भर से ज्यादा लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब रहे। इस कारण मताधिकार के प्रयोग से वंचित रहे गए। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत चुनाव आयोग को मेल के माध्यम से प्रेषित कर दी गई है। इस संदर्भ में चुनाव आयोग के अफसरों से पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो सकी।
इसी तरह नगर पालिका मुनिकीरेती के शिवानंद नगर निवासी सत्य प्रसाद बडोला भी इस बार मतदान से वंचित हो गए हैं। उनका कहना है कि वर्ष 1971 से लोकसभा, विधान सभा व नगर निकाय के चुनावों में बराबर मताधिकार का प्रयोग करते आ रहे हैं। इस बार चुनाव आयोग की ओर से जारी की गई लिस्ट में मेरा व मेरे दोनों बेटे मनोज व मुकेश का नाम गायब हैं। उनका आरोप है कि अफसरों की लापरवाही से चुनाव में ये खामी उजागर हुई है। ऐसे अफसरों पर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
9 साल के मतदाता ने किया मतदान
श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में 13 वर्षीय बनखंडी निवासी तानिया पुत्री इंद्रजीत और 10 वर्षीय निखिल पुत्र हजमोह ने वोटर लिस्ट में नाम होने के कारण चुनाव में अपना मत डाला। हैरानी की बात तो यह है कि मतदान करवा रहे अफसरों के सामने से नाबालिग वोट डालकर चले गए और उन्हें आपत्ति भी नहीं हुई। नाबालिगों के पारिवारिक सदस्य जितेंद्र पाल पाठी ने बताया कि तानिया और निखिल के अलावा तीन नाबालिग बच्चों के नाम भी वोटर लिस्ट में डाले गए हैं। इनमें भविष्य पुत्र इंद्रजीत उम्र 10 वर्ष, तन्मय पुत्र इंद्रजीत उम्र 09 वर्ष, अभय पुत्र हजमोह उम्र 10 वर्ष शामिल है। जितेंद्र का कहना है कि वोटर लिस्ट में नाम होने से निखिल और तानिया ने मतदान किया। जबकि अन्य तीन बच्चे मतदान करने नहीं आए।