ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। तीर्थनगरी के रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा की लिहाज से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे सिर्फ दिखावा हैं। कहने को तो यहां नौ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन इनमें से पांच तो बिल्कुल खराब हो चुके हैं, बाकी चार कैमरों में रिकार्डिंग की व्यवस्था ही नहीं है। प्लेटफार्म संख्या एक और दो में दो-दो, टिकट खिड़की पर एक, वेटिंग रूम में एक, बरामदे में एक और स्टेशन के बाहरी परिसर पर दो सीसीटीवी लगे हैं, लेकिन यह शोपीस साबित हो रहे हैं।
तीर्थनगरी होने के बावजूद रेलवे की ओर से यहां पर सुरक्षा की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि रेलवे स्टेशन पर हर दिन देश विदेश से पर्यटकों की आवाजाही लगी रहती है। आरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण में हरिद्वार स्टेशन में लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त किया गया है। इसके बाद अब ऋषिकेश रेलवे स्टेशन में लगे कैमरों को ठीक किया जायेगा।
सफाई व्यवस्था भी चरमराई
रेलवे स्टेशन पर पिछले दो माह से सफाई व्यवस्था सुचारु नहीं हो पा रही है। रेलवे स्टेशन परिसर में स्वच्छता अभियान का जिम्मा महज एक कर्मी के कंधों पर है। यह कर्मचारी भी बीमार रहा है। अक्तूबर माह से पूर्व यहां चार सफाई कर्मचारियों को दैनिक भुगतान पर रखा गया था। उक्त सफाई कर्मियों का भुगतान बिल मुरादाबाद डिवीजन से पास नहीं हो पा रहा है। लिहाजा काम छोड़ कर्मचारी चलते बने। स्टेशन अधीक्षक आरपी मीणा ने का कहना है कि दैनिक भुगतान पर रखे गये कर्मचारियों के दो माह का वेतन बिल उच्च अधिकारियों को भेजा गया था। बिल वापस लौट आए हैं। बिलों का भुगतान होने के बाद ही कर्मचारियों से काम लेना संभव हो सकेगा।