ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
धीरे-धीरे पहाड़ों के बीच अस्त होते सूर्य देव, कानों में रस घोलती कांच ही बांस के बंहगिया, बहंगी लचकत जाई... की मधुर गवनई और कमर तक पानी में हाथों में फलों से भरे सूप को लेकर खड़ी महिलाएं।
मंगलवार को छठ पर्व पर गंगभेवा बावड़ी, डाकपत्थर स्थित यमुना तट और सेलाकुई स्थित आसन नदी तट पर आस्था, परंपरा और उत्सव की त्रिवेणी का अद्भुत नजारा देखने को मिला। जहां सूर्य उपासना का महापर्व डाला छठ धूमधाम से मनाया गया। शाम ढलते ही सभी घाट रोशनी से जगमगा उठे। पूरा पछवादून पूरब के रंग में रंगा नजर आया। गंगभेवा बावड़ी में डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाट पर महिलाओं की भारी भीड़ रही। सूर्य देवता ने जैसे ही पहाड़ों की ओट ली वैसे ही घाट पर खड़ी निर्जल व्रतधारी महिलाओं ने सूर्य को छठ पर्व का पहला अर्घ्य दिया। पुत्र प्राप्ति और पति की दीर्घायु की कामना करते हुए महिलाओं ने छठ माई से परिवार के सुख और समृद्धि की कामना की। बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाएं चार दिवसीय अनुष्ठान व्रत का पारण करेंगी।
इस मौके पर पूर्वांचल नागरिक परिषद के संयोजक एके सिंह, संरक्षक कौशल गौतम, अध्यक्ष उत्तम शर्मा, महामंत्री विजय वर्मा, उपाध्यक्ष ललन गुप्ता, डॉ. जगदीश सिंह, विजेंद्र गुप्ता, अनिल गुप्ता, लाल बाबू, रेनू सिंह, चंपा देवी, ऊषा सिंह, नेहा शर्मा, रजनी गुप्ता, ललिता देवी, लालती देवी, प्रभा देवी, राजकुमारी, मीना देवी, पुष्पा देवी, चंदा गुप्ता, पूजा गुप्ता, लालबाबू गुप्ता, सूरज गुप्ता, अमृता गुप्ता, विकास, विजेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।
वहीं, सेलाकुई आसन नदी तट पर आयोजित छठ महोत्सव में पिंकू कुमार, मनोज कुमार, बबलू, सीता देवी, पूजा देवी, मालती देवी, आदित्य नारायण, नीरज चौधरी, भगत सिंह राठौर आदि मौजूद रहे। ----
दीयों की रोशनी से जगमगा उठा घाट
छठ पर्व पर पूरा गंगभेवा बावड़ी घाट सैकड़ों दीयों की रोशनी से जगमगा उठा। यहां पूूर्वांचल नागरिक परिषद की ओर से रात्रि में लोगों के रुकने के लिए विशेष व्यवस्था की गई। परिषद की ओर से लोगों के लिए चाय और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई।