गोपेश्वर। जिले में बैंक प्रायोजित योजनाओं की प्रगति समीक्षा के लिए जिला स्तरीय पुनर्निरीक्षण समिति (डीएलआरसी) की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने बैंक और सहायक विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर आम लोगों तक बैंक योजनाएं पहुंचाने के लिए कहा।
जिला सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने राष्ट्रीय ग्रामीण और शहरी आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित बहुउद्देशीय योजना के कई आवेदन बैंक स्तर पर लंबित मिलने पर नाराजगी जताई। डीएम ने कहा कि आवेदनों का लटका रहना बैंकिंग कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।
डीएम ने प्रत्येक बैंक को कम से कम एक महिला, एक अनुसूचित जाति अथवा जनजाति वर्ग के व्यक्ति को स्वयं का उद्यम लगाने के लिए ऋण स्वीकृत करने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं का व्यापक प्रचार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में मनरेगा के अंतर्गत भुगतान के लिए जिले में 9872 लाभार्थियों के आधार को शीघ्र बैंक से जोड़ने के निर्देश दिए। डीएम ने नेटवर्क कनेक्टिविटी विहीन गांवों में बीसी (बैंकिंग क्रॉसपोंडेंट) नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन दूरस्थ गांवों में नेटवर्क की दिक्कत होती है, वहां बीसी लोगों को बैंकिंग योजनाओं की बेहतर जानकारी दे सकते हैं। बैठक में सीडीओ हसांदत्त पांडे, एसबीआई क्षेत्रीय प्रबंधक महेश बर्तवाल, नाबार्ड के अभिनव कापड़ी, सीटीओ वीरेंद्र कुमार, डीडीओ एसके रॉय, उद्योग के महाप्रबंधक डा. एमएस सजवाण आदि उपस्थित थे।
बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, डीएम नाराज
गोपेश्वर। डीएलआरसी की बैठक में डीएम ने यूनियन बैंक और पंजाब नेशनल बैंक को प्रदर्शन सुधारने के लिए कहा। साथ ही बीओबी, यूनियन, सिंडिकेट, यूको आदि बैंक प्रतिनिधियों की बैठक में अनुपस्थित लीड बैंक अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।