श्रीनगर। एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड मेें छात्रों के आंदोलन को 37 दिन बीत गए हैं, लेकिन राज्य व केंद्र सरकार और एनआईटी प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। आंदोलन के चलते छात्रों का भविष्य भी अधर में है। हालांकि संस्थान में 12 नवंबर तक दिवाली अवकाश है। इसके बाद ही छात्रों के आगे का रुख पता चल पाएगा। दूसरी ओर संस्थान के कुछ छात्र स्थायी कैंपस व कैंपस शिफ्टिंग की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए, लेकिन अवकाश की वजह से उन्हें लौटना पड़ा। कार्यवाहक निदेशक एनआईटी उत्तराखंड प्रो. आरबी पटेल का कहना है कि हम छात्रों और अभिभावकों को लगातार कक्षाओं में लौटने के लिए ई-मेल कर रहे हैं, लेकिन छात्रों के साथ अभिभावक भी मांग पर अड़े हुए हैं। शिफ्टिंग की बात गलत है।