गोपेश्वर। ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत गदेरों में बनाए डंपिंग जोन खतरे का सबब बन सकते हैं। बदरीनाथ हाईवे पर सोनला से चमोली तक कई जगहों पर गदेरों के मुहाने पर डंपिंग जोन बनाए गए हैं, जिससे अत्यधिक मिट्टी होने के कारण बारिश में निचले क्षेत्रों के लिए दिक्कतें हो सकती हैं।
बदरीनाथ हाईवे पर इन दिनों ऑलवेदर रोड का काम चल रहा है। भकुंडा, देवलीबगड़, सोनला, नंदप्रयाग, पर्थाडीप, पुरसाड़ी, मैठाणा और भीमतला क्षेत्रों में हिल कटिंग कार्य चल रहा है, लेकिन एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास) की ओर से कई जगहों पर बरसाती गदेरों के मुहाने पर डंपिंग जोन बना लिए गए हैं। यहां मिट्टी का भरान कर दिया गया है, जिससे बारिश में मिट्टी अलकनंदा में समा जाएगी और इससे निचले क्षेत्रों में नुकसान की संभावना बढ़ जाएगी।
पुरसाड़ी में गदेरे के दोनों ओर टनों मिट्टी डाली गई है, जबकि यहां बारिश में गदेरा उफान पर रहता है। गदेरे के आसपास ही पत्थरों की घेरबाड़ कर मिट्टी का भरान किया जा रहा है। यहां अन्य जगहों की हिल कटिंग का मलबा भी इसी गदेरे में डाला जा रहा है। सोनला में भी गदेरे के मुहाने पर मिट्टी डाली गई है, जिससे हाईवे को नुकसान हो सकता है। इधर, एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक शैलेंद्र यादव का कहना है कि वन विभाग के अधिकारियों की सहमति पर ही डंपिंग जोन चिह्नित किए हैं। इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से बात की जाएगी। इधर, बदरीनाथ वन प्रभाग के उप वन संरक्षक एनएन पांडेय का कहना है कि डंपिंग जोन के लिए जगह का निर्धारण मानक को देखकर ही किया गया है। यदि किन्हीं जगहों पर गदेरों में मलबे का निस्तारण किया जा रहा है तो उसे दिखवाया जाएगा।