गढ़वाल। दिवाली के पर्व पर गढ़वाल के विभिन्न जिलों के बाजारों में खूब रौनक रही। आतिशबाजी और मिठाइयों के दुकानों में भीड़ लगी रही तो मिट्टी के दीये, खील-बताशे भी खरीदे गए। बाजरों में पटाखों की खूब दुकानें सजीं और बच्चों ने खूब खरीदारी की। छोटी दिवाली पर लोगों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र को परिवार की कुशलता की कामना की। बुधवार को बड़ी दिवाली धूमधाम के साथ मनाई जाएगी।
कर्णप्रयाग, गौचर, नारायणबगड़, थराली, देवाल, आदिबदरी, गैरसैंण आदि बाजारों में छोटी दिवाली पर आतिशबाजी और अन्य सामान खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। कर्णप्रयाग में बस और टैक्सियों की कमी के चलते लोगों को गंतव्य तक जाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं गैरसैंण में सलियाणा बैंड, धुनारघाट, दाड़िमडाली आगरचट्टी, मेहलचौंरी आदि में भी आतिशबाजी और मिठाइयों की दुकानों में खूब भीड़ रही।
गोपेश्वर में भी दिनभर बाजारों में चहल-पहल रही। पुलिस प्रशासन ने बस स्टैंड से मंदिर मार्ग तक सजी दुकानों में लगी भीड़ को देखते हुए मंदिर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर मुख्य चौराहे पर बैरियर लगा दिया। पोखरी, घाट, चमोली, पीपलकोटी, नंदप्रयाग और जोशीमठ क्षेत्र में भी खरीदारी के लिए दिनभर बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ी रही।
नई टिहरी में बौराड़ी, भागीरथीपुरम, चंबा, कंडीसौड़, नैनबाग, थत्यूड, नरेंद्रनगर, आगराखाल, घनसाली, चमियाला, प्रतापनगर, लंबगांव, जाखणीधार आदि बाजारों में लोगों ने जमकर खरीदारी की। पटाखों, स्वीट शॉप, ज्वैलर्स और कपड़ों की दुकानों पर खरीदारों की खूब भीड़ रही।
पौड़ी में मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचे। आभूषण, आतिशबाजी, खिलौना व मिठाइयों की दुकानों में लोगों ने खरीदारी करते की। उधर, विकास खंड व तहसील मुख्यालय थलीसैंण बाजार में दीपावली की खरीदारी को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा।
विदेशी पर्यटकों ने भी खरीदे दीये और पटाखे
गोपेश्वर। दिवाली पर पर्यटन स्थलों के सैर-सपाटे पर पहुंचे विदेशी पर्यटकों ने भी पटाखों की खरीदारी की। जर्मनी के पर्यटकों ने गोपीनाथ मंदिर में मत्था टेका और बाजार से दीये, फूलों की माला, पटाखे और मिठाइयां खरीदीं। पर्यटकों का कहना है कि यहां आकर स्थानीय परंपरा को जानने का मौका मिला है।
गो माता को खिलाया आटे का पिंडा
कर्णप्रयाग/गोपेश्वर। दिवाली पर्व पर नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं की पूजा कर गो-माता को जौ के आटे से बना आटा (पिंडा) खिलाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। वहीं गोपेश्वर में भी छोटी दिवाली पर ग्रामीणों ने विभिन्न पकवान बनाकर देवी देवताओं की पूजा की। लोगों ने गो माता की पूजा कर उन्हें जौ के आटे से बना पिंडा भी खिलाया।