गोपेश्वर। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को गांव से अन्यत्र रहने होने वाली आशा कार्यकर्ताओं को चिह्नित कर उन्हें हटाने और उनके स्थान पर सक्षम आशा को नियुक्ति देने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में कार्यरत एएनएम को संस्थागत प्रसव (अस्पताल में प्रसव) के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण देने को कहा। डीएम ने कहा कि पिछले एक साल में जिस एएनएम की ओर से एक भी संस्थागत प्रसव नहीं कराए गए हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जाए।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की समीक्षा बैठक ली और सीएमओ डा. तृप्ति बहुगुणा को यह निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का व्यापक प्रचार कर गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अधिकांश गर्भवती महिलाएं जानकारी के अभाव में स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देती हैं, जिससे अधिकांश बच्चे कुपोषण के शिकार होते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रत्येक माह की पांच तारीख को लगने वाले वजन एवं पोषण दिवस को उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि जो आशाएं गांव से अन्यत्र शिफ्ट हो गई हैं, उनको हटाकर उनके स्थान पर सक्षम आशा की नियुक्ति के लिए कार्रवाई को कहा। डीएम जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत के तहत जिले में चिह्नित 17 हजार परिवारों में से अभी तक सिर्फ 298 परिवारों का ही गोल्ड रिकार्ड बनाए जाने पर नाराजगी जताई और इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। एनएचएम के डीपीएम दीपक खंडूड़ी ने कहा कि मिशन का उद्देश्य शिशु व मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है। बैठक में सीडीओ हंसादत्त पांडे, जिला अस्पताल के सीएमएस डा शैलेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।