श्रीनगर। सेना की इंजीनियरिंग विंग के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को अचानक राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से संबद्ध बेस अस्पताल का निरीक्षण किया। अधिकारी ने अस्पताल के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डा. सतीश के साथ नवनिर्मित भवन को देखकर जानकारियां जुटाई। उन्होंने फिलहाल कुछ बताने से इनकार किया है। हालांकि यह बताया कि 10-15 दिन बाद सेना की एक टीम पुन: अस्पताल का निरीक्षण करेगी।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को सेना के हवाले करने की कवायद की थी। सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत से लेकर सेना के तमाम अधिकारियों ने कॉलेज का निरीक्षण भी किया, लेकिन इसके बाद बात आगे नहीं बढ़ी। कुछ दिन पूर्व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने सेना से अनुरोध किया था कि अपने-अपने क्षेत्र में जनता के इलाज में सहयोग दे। इसी बीच बृहस्पतिवार को देहरादून से आए कर्नल सुंदरसेन अचानक बेस अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक से मुलाकात कर अस्पताल का निरीक्षण करने की बात कही, जिस पर डा. सतीश ने स्टाफ के साथ उनको अस्पताल का भ्रमण करवाया।
उन्होंने नवनिर्मित 200 बेडेड भवन का भी निरीक्षण किया। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि अभी यह भवन अस्पताल को हैंडओवर नहीं हुआ है। इसमें बिजली के काम शेष रह गए हैं, जिस पर कर्नल सुंदरसेन ने कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम के फोन नंबर लिए। इधर, कर्नल ने निरीक्षण के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ यह कहा कि कुछ दिन बार सेना की टीम यहां निरीक्षण के लिए आएगी। चिकित्सा अधीक्षक डा. सतीश ने बताया कि सैन्य अधिकारी को पूरा अस्पताल दिखवाया है। वे अस्पताल के संसाधनों से संतुष्ट दिखे।