ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ग्रेट श्रावस्ती बुद्धिस्ट कल्चरल एसेंबली की ओर से बुधवार को ग्रेट श्रावस्ती सेंटर का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम नेपाली नृत्य, लद्दाख लोक गायन व ध्यान सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि, जिलाधिकारी दीपक मीणा, स्पीकर एसएलए, पूर्व पर्यटन मंत्री टी. ग्यालत्सेन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की सफलता के लिए पर्यटन मंत्री उत्तर प्रदेश रीता बहुगुणा ने शुभकामना संदेश भी भेजा गया। इस मौके पर स्वामी चिदानंद ने कहा कि आज भारत को युद्ध नहीं बल्कि बुद्ध चाहिए। भारत इसलिए महान है कि उसके पास बुद्ध, महावीर, शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद जैसे महान हस्तियों ने समय-समय पर मार्गदर्शन किया है। देश की खुशहाली और हरियाली को बचाना हो तो हमें अपने कल्चर और नेचर को बचाना होगा। हम सब मिलकर रहें यही हमारा कल्चर है, यही हमारी संस्कृति और संस्कार है। उन्होंने कहा कि हमें संस्कृति के साथ प्रकृति को बचाए रखना होगा। प्रकृति बचेगी तो पृथ्वी बचेगी पृथ्वी बचेगी तो आने वाली पीढ़ियां बचेंगी। हिमालय की हरियाली को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक उत्सव को पर्यावरण से जोड़ना आवश्यक है। पूज्य स्वामी ने कहा कि भारत को स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए यहां की नदियों की निर्मलता व अविरलता बनाए रखने की जरूरत है।