ब्यूरो/अमर उजाला, त्यूनी
उदावां गांव के 25 परिवारों समेत आसपास के 375 परिवारों को पेयजल की किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा। ग्रामीणों की समस्या को ध्यान में रखते हुए जल निगम ने गडाण स्रोत से 850 मीटर योजना बनाने को मंजूूरी दे दी है, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए नहीं भटकना पडेेगा। जल निगम ने पंपिंग योजना के तहद 3 करोड़ 81 लाख की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी है। स्वीकृति मिलते ही योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
चकराता ब्लॉक के उदावां और आसपास के सैकड़ों परिवारों को गर्मी के सीजन में पेयजल किल्लत से जूझना पड़ता है। आसपास पानी का स्रोत नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए अन्य क्षेत्रों में जाना पड़ता है। योजना की स्वीकृति से उदावां सहित बुनकोई, डौरा, कोथली, थाथरा, भराड़ी, डडरौ आदि गांवों को लाभ मिलेगा
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पेजजल किल्लत से पशुओं की जा चुकी है जान
क्षेत्र में गर्मी के दिनों में पेयजल किल्लत के कारण 2007 में करीब 50 पशुओं की मौत हो गई थी। पशुओं की मौत के बाद उदावां गांव के लोगों में भारी गुस्सा था, जिसके कारण उन्होंने 2012 में हुए विधानसभा चुनावों का बहिष्कार कर दिया था। गांव में पानी की किल्लत के कारण उदावां गांव से कई परिवार पलायन भी कर चुके हैं।
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पहली बार उदावां गांव पहुंचे अधिकारी
योजना का जायजा लेने के लिए जल निगम के महाप्रबंधक एसके पंत टीम के साथ 22 किमी पैदल चलकर गांव उदावां पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही गांव के लिए पेयजल योजना बनाई जाएगी। इस मौके पर अधिशासी अभियंता जल निगम एसके बरवाल, एसडीओ बलदेव सिंह रावत, अपर सहायक अभियंता विनोद कुमार, प्रधान बहादुर सिंह, केशर सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
कोट्स
योजना के तहत तीन चरणों में काम किया जाना है। पहले चरण में हैड से 150 मीटर, दूसरे चरण में 200 मीटर जबकि तीसरे चरण में योजना 500 मीटर बनाकर तैयार की जाएगी।
- एसके बरनवाल, अधिशासी अभियंता, जल निगम चकराता पुरोड़ी