थराली। ग्वालदम में आयोजित काश्तकार एवं शिल्पी मेले के दूसरे दिन स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। साथ ही लोगों ने स्टालों से खूब खरीददारी की। मेले में कृषि विज्ञान केन्द्र की प्रभारी डा. उमा नोलिया ने गोष्ठी के माध्यम से ग्रामीण काश्तकारों को उन्नत खेती एवं पशुपालन के टिप्स दिए।
शनिवार को सरस्वती शिशु मंदिर और विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं गढ़वाली कुमांउनी लोक गीतों और सामूहिक लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने हरे मुरारी त्रिपुरांतकारी... भक्ति गीत के अलावा मेरो पहाड़ ठंडी हवा ठंडो पाणी..., कैले बजै मुरली..., आदि गीतों पर शानदार नृत्य पेश किया। क्षेत्र पंचायत सदस्य भावना रावत ने कहा कि हमें इन मेलों के माध्यम से संस्कृति को आगे ले जाने का मौका मिलता है। जबकि कृषि विज्ञान केंद्र की प्रभारी डा. उमा नौलिया ने किसानों को कृषि उपज बढ़ाने, फसलों में लगने वाले रोग से निपटने सहित कई जानकारियां दी। इससे पहले शुक्रवार की रात्रि को भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। सांस्कृतिक संध्या में कुमाऊं के कलाकारों ने हुड़का बादन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही छोलिया नृत्य की भी शानदार प्रस्तुति दी। इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष विवेक शाह, गुलाब सिंह रावत, कोषाध्यक्ष कुन्दन सिंह परिहार, मेला संस्थापक किशन सिंह दानू, ग्राम प्रधान मीनू टमटा, क्षेत्र पंचायत कला देवी, डॉ. अमित कुमार, आनंदी देवराड़ी, तलवाड़ी छात्रसंघ अध्यक्ष भावना देवराड़ी, सचिव सूरज रावत, प्रताप सिंह दानू सहित कई लोग मौजूद थे।