श्रीनगर। गढ़वाल विवि में स्थितियां सामान्य नहीं हो पा रही हैं। शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद ने कुलसचिव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष ने कुलसचिव के मुख्यालय से बाहर रहने की शिकायत कुलपति से की है। पूर्व में शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से भी शिकायत की थी, जिस पर कुलसचिव ने अध्यक्ष को बर्खास्त किए जाने की बात कही थी।
शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद व कुलसचिव के बीच विवाद गहराता जा रहा है। विवि शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी पूर्व में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत व उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत से कुलसचिव की शिकायत की थी। शिकायत में उन्होंने कहा था कि कुलसचिव अक्सर मुख्यालय से बाहर रहते हैं। भंडारी ने कुलसचिव पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया था। जब इस संबंध में कुलसचिव का पक्ष पूछा गया तो कुलसचिव ने कर्मचारी अध्यक्ष को बर्खास्त किए जाने की चेतावनी दी थी, जिस पर आक्रोशित शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद ने शुक्रवार को कुलपति से भी कुलसचिव डा. एके झा की शिकायत करने पहुंचे। उन्होंने कुलसचिव के अवकाश का लेखाजोखा कुलपति कार्यालय में उपलब्ध कराने संबंधी ज्ञापन कुलपति को सौंपा। इसके अलावा शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद के पूर्व महासचिव सुनील रावत ने कुलसचिव के खिलाफ धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। सुनील रावत ने कहा कि कुलसचिव कर्मचारियों को धमका रहे हैं। यदि कुलसचिव पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह धरना प्रदर्शन करेंगे। कुलसचिव के मुख्यालय से बाहर रहने पर विवि के छात्र भी आक्रोश जता चुके हैं। इस संबंध में कुलपति से जानकारी मांगने के लिए उन्हें फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।