कर्णप्रयाग। सेरागाड़ के ग्रामीणों ने निर्माणाधीन आमसोड़-सेरागाड़ मोटर पुल और सड़क निर्माण के आधे-अधूरे कार्यों पर आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की मांग के लिए कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग के आमसोड़ में एक घंटे जाम लगाया और लोनिवि गौचर के अधिकारियों के विरोध में नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया।
ग्राम प्रधान सेरागाड़ रूकमा देवी और पूर्व प्रधान लीलाधर रतूड़ी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आमसोड़ में सुबह 10 कर्णप्रयाग-ग्वालदम मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि शासन ने वर्ष 2013 में आमसोड़-सेरागाड़ मोटर पुल की स्वीकृति दी थी। इसकी निर्माण की जिम्मेदारी लोनिवि गौचर को दी गई और इसके लिए आठ करोड़ रुपये जारी किए गए। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण छह वर्षों में मोटर पुल का मात्र एबेटमेंट (पुल का आधार) ही बन पाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा यदि जल्द निर्माण कार्यों को जल्द पूर्ण नहीं किया गया तो आमरण अनशन किया जाएगा। मौके पर पहुंचे लोनिवि गौचर के सहायक अभियंता एमएस रावत ने ग्रामीणों को आमसोड़-सेरागाड़ मोटर पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए संबंधित ठेकेदार को निर्देशित करने का आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। इस मौके पर आनंद बल्लभ रतूड़ी, शंभू प्रसाद रतूड़ी, विद्या देवी, पार्वती देवी, दीपा देवी, लक्ष्मी देवी, अंजू देवी, कल्पेश्वरी देवी सहित तहसीलदार ओमवीर सिंह, राजस्व उप निरीक्षक हरीश पोखरियाल और नवल मिश्रा आदि मौजूद थे।