श्रीनगर। एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि में आयोजित तीन दिवसीय हिमालयी क्षेत्र में एरोसोल, वायु गुणवत्ता एवं जलवायु परिवर्तन विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हो गया है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियर पर पड़ रहे प्रभाव और ब्रह्मांड के बारे में जानकारी दी।
भौतिकी विभाग की ओर से आयोजित संगोष्ठी में सर्वप्रथम स्काइप (वीडियो कॉल) के माध्यम से टैक्सास विवि के डा. विनय कुमार का व्याख्यान हुआ। उन्होंने पाकिस्तान, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में साल 2005- 2013 तक अत्यधिक बारिश के कारणों से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि तापमान में परिवर्तन और बारिश का नजदीकी संबंध होता है। गुरुकुल कांगड़ी विवि हरिद्वार के डा. एचएन पांडेय ने खगोल विज्ञान एवं ब्रह्मांड के फैलाव की जानकारी दी। विवि के अभियांत्रिकी विभाग के डा. नरेंद्र रावल ने आर्टिफिशियल इंटलीजेंस और डा. डॉन विश्वास ने फैराइलेक्ट्रिक पदार्थों की उपयोगिता बताई। गढ़वाल विवि के टिहरी परिसर के निदेशक प्रो. आरसी रमोला ने जलवायु परिवर्तन और उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विवि भरसार के डा. एसपी सती ने केदारनाथ आपदा व ग्लेशियरों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। मौके डा. मनोज गुप्ता कार्यक्रम के संयोजक प्रो. एससी भट्ट व आयोजन सचिव डा. आलोक सागर गौतम ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डा. मनीष उनियाल, डा.तुषार कंडारी, सिद्धार्थ कश्यप, गरिमा यादव व अंजू निगम आदि मौजूद थे।