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मेयर प्रत्याशी घोषित होते ही भाजपा में बगावत

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। ऋषिकेश में मेयर प्रत्याशी घोषित हुए 48 घंटे भी नहीं बीते थे कि बगावती सुर बुलंद हो गए हैं। रविवार को मेयर पद के संभावित दावेदारों का समूह समर्थकों सहित जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचा। सूचना थी कि प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट हल्द्वानी जाने के लिए यहां से गुजर रहे हैं। ऐसे में नाराज पार्टी नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष का घेराव कर नाराजगी व्यक्त की। साथ ही पार्टी की ओर से घोषित प्रत्याशी अनिता ममगाईं के खिलाफ संगठन विरोधी गतिविधियों का पुलिंदा खोलना शुरू कर दिया। एयरपोर्ट पर बहस के दौरान विस अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, दिनेश सती, प्रमोद शर्मा सहित तमाम दिग्गज नेता मौजूद थे। दिलचस्प ये रहा कि सभी ने दोनों पक्षों के बीच हुई बहस के दौरान चुप्पी साधे रखी।
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मामला तूल पकड़ता देख प्रदेश अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि शाम 5 से 6 बजे के बीच दोबारा बैठक होगी। इस दौरान प्रत्याशी चयन को लेकर नए सिरे से मंथन किया जाएगा। शनिवार देर रात भाजपा की ओर से मेयर प्रत्याशी की घोषणा होते ही कई कुनबों की नींद हराम हो गई। जिस समय अधिकृत प्रत्याशी अनिता ममगाईं के मुहल्ले में दीपावली जैसा माहौल था, उसी दौरान नगर के कई कोनों में सियासी बिसात बिछाई जा रही थी। सुबह होते होते भाजपा में दो खेमे बन गए और दोनों ही ओर असंतोष और चिंता का पहरा हो गया। अनिता ममगाईं जहां चुप्पी साधे नए नतीजों पर नजर लगाए रहीं, वहीं दूसरा खेमा सीधे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंच गया।
यहां प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से असंतुष्ट नेताओं की जमकर तू तू मैं मैं हुई। असंतुष्टों ने वे गोपनीय दस्तावेज भी प्रदेश अध्यक्ष को सौंपे जो पिछले पंचायत और विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों से संबंधित शिकायतों से जुड़े थे। दावेदारों ने तर्क दिया कि जिस महिला पदाधिकारी ने पार्टी को क्षति पहुंचाने की कोशिश की उसे टिकट का इनाम दिया जा रहा है। जिन्होंने पूरी जिंदगी निष्ठापूर्वक पार्टी की सेवा की उनकी उपेक्षा तानाशाही है। इस संदर्भ में विरोध दर्ज करवाने पहुंची संभावित दावेदार कविता शाह ने बताया कि हमने सभी दस्तावेज प्रदेश अध्यक्ष को सौंप दिए हैं। उन्होंने पुनर्विचार का भरोसा दिलाया है।
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कहा गया है कि रविवार शाम को होने वाली बैठक में असंतुष्टों को भी बुलाया जाएगा। सभी चाहते हैं कि मानकों पर खरा उतरने वाले को प्रत्याशी बनाया जाए, जिससे पार्टी का भी हित हो सके। असंतुष्टों में मुख्य रूप से कुसुम कंडवाल, स्नेहलता शर्मा, सरोज डिमरी, स्वदेश कंडवाल आदि लोग मौजूद रहे।

प्रदेश अध्यक्ष के लिए मुसीबत बना अतिरिक्त दबाव
ऋषिकेश। सियासी गलियारों में चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के दबाव में अनिता ममगाईं का नाम सूची में शामिल किया गया। मुख्यमंत्री भी इस नाम पर सहमत नहीं थे। लिहाजा प्रदेश अध्यक्ष ने खुद अंतिम समय में अनिता का नाम जुड़वाया और आपाधापी में प्रत्याशी के क्षेत्र का जिक्र करवाना भी भूल गए।
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