देवाल। पिंडर नदी में बही खेता-भौरियांबगड़ की आनंदी का पता तीसरे दिन भी नहीं लग पाया। बुधवार को रेस्क्यू अभियान के लिए ग्रामीण ही युवती की खोज में जुटे रहे जबकि प्रशासन का कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा।
सोमवार को पिंडर नदी को बल्लियों के सहारे पार कर रही ननद (आनंदी) और भाभी (खष्टी) बह गई थी। खष्टी देवी का शव उसी दिन घटना स्थल से 500 मीटर दूर मिल गया था लेकिन आनंदी का कुछ पता नहीं चला। मंगलवार को राजस्व और रेगुलर पुलिस ने पिंडर नदी के किनारे आनंदी की खोज की, लेकिन बुधवार को प्रशासन का कोई भी कर्मचारी यहां नहीं पहुंचा। ग्राम प्रधान कमला देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से आनंदी को खोजने के लिए जलपुलिस की मांग की। तहसीलदार माणिक लाल भेंतवाल ने बताया कि राजस्व उपनिरीक्षक की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।