फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीता को हर ले गया लंकापति रावण

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर। शहर मेें चल रही रामलीला की छठवीं संध्या में सूपर्णखा की नाक कटने, खर-दूषण वध, मृग वध, सीता हरण और जटायु वध का मंचन किया गया। लक्ष्मण और सूपर्णखा संवाद ने खूब तालियां बटोरी।
विज्ञापन

स्थानीय रामलीला मैदान में श्री आदर्श रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के छठवीं संध्या की शुरुआत सूपर्णखा के आगमन से होती है। सूपर्णखा राम के समक्ष शादी के प्रस्ताव रखती है। राम शादीशुदा होने की बात कहकर लक्ष्मण से पूछने को कहते हैं। लक्ष्मण भी मना कर देते हैं। सूपर्णखा के बार-बार शादी की जिद करने पर गुस्से में लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं। सूपर्णखा रोते-रोते अपने भाइयों खर-दूषण को यह वाकया बताती है, जिस पर दोनों भाई राम-लक्ष्मण से लड़ने जाते हैं और मारे जाते हैं। इसके बाद सूपर्णणा लंकापति रावण के पास जाती है। रावण मामा मारीच की मदद से छल के बलबूते सीता का हरण कर लेता है। जटायु रावण को रोकने की कोशिश करता है। रावण जटायु के पंख काटकर सीता को हर ले जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें