ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। स्वामी सानंद के देहावसान के बाद एम्स निदेशक डॉ. रविकांत ने प्रेसवार्ता आयोजित की। उन्होंने बताया कि प्रो. जीडी अग्रवाल की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई। वह छह गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। इनमें ब्लड प्रेशर, लांग टाइम हाइपर टेंशन, कॉर्नरी आर्टरी डिजीज, आर्टरी वाल्ब डिजीज, हार्निया, यूरिन किटोंस डिजीज शामिल थीं। उक्त बीमारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसी व्यक्ति को एक भी बीमारी पूरी तरह जकड़ ले तो मौत का माध्यम बन जाती है। डॉ. रविकांत ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह स्वामी सानंद से बात भी हुई थी। वे संतुष्ट नजर आ रहे थे। उनकी आयु 80 वर्ष हो चुकी थी, लिहाजा वह कई बीमारियों की जकड़ में थे।
उन्होंने बताया कि स्वामी सानंद का उपचार डॉ. वेंकटेश पाई की देखरेख में चल रहा था। काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। अपराह्न करीब 1:50 मिनट पर प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ सानंद स्वामी ने आखिरी सांस ली और 2 बजे मृत घोषित कर दिया गया। एम्स निदेशक के मुताबिक स्वामी सानंद का पोटैशियम और ग्लूकोज लेवल काफी असंतुलित हो चुका था। खाना पीना छोड़ चुके स्वामी सानंद के शरीर में खून का संचार लगभग बंद हो गया था। वे पूर्व में 12 जुलाई, 13 अगस्त और इस बार 10 अक्तूबर को एम्स में भर्ती हुए थे। उन्हें पूर्व में भी एंजियोग्राफी और सर्जरी कराने की सलाह दी गई थी लेकिन वो नहीं माने थे।