जोशीमठ। सेना की ओर से अधिग्रहित की गई भूमि के मुआवजे की मांग के लिए लोगों ने एसडीएम के माध्यम से देश के रक्षामंत्री को ज्ञापन भेजा। अतुल सती, कमल रतूड़ी, वीरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश डिमरी और प्रताप सिंह परमार ने कहा कि वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान सेना ने स्थानीय ग्रामीणों से सैकड़ों नाली भूमि बिना सहमति के अधिग्रहित कर ली थी, लेकिन आज तक भूमि का मुआवजा नहीं दिया। कुछ ग्रामीणों की भूमि लीज पर भी ली गई थी, लेकिन मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की मांग उठाई है।