देवप्रयाग। विवादित बाबा रामपाल की प्रचार-प्रसार सामग्री बांट रहे शिष्यों को हिंडोलाखाल में ग्रामीणों का गुस्सा झेलना पड़ा। विवाद बढ़ने पर मामला थाने तक पहुंच गया। पुलिस ने लोगों के गुस्से को देखते हुए प्रचार सामग्री बांट रहे लोगों को क्षेत्र से जाने के लिए कहा। साथ ही उनका वाहन कागजात न मिलने पर सीज कर दिया।
नवंबर 2014 में हरियाणा के हिसार में बाबा रामपाल के आश्रम में जमकर विवाद हुआ था। रामपाल के शिष्यों ओर समर्थकों का पुलिस व सेना के साथ लगभग 60 घंटे तक संघर्ष चला था। इसके बाद रामपाल को विभिन्न आपराधिक धाराओं में जेल में डाल दिया गया था। बुधवार को रामपाल के शिष्यों का दल ट्रस्ट के वाहन से हिंडोलाखाल क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पहुंचा। इससे लोगों में आक्रोश फैल गया। भाजपा मंडल अध्यक्ष जेपी चंद व आरएसएस नेता ज्योति कैंतुरा की पहल पर सभी लोगों को थाने लाया गया। पुलिस को उनके पास से बाबा रामपाल की प्रवचन व चित्रों की बुकलेट मिली। लोगों ने विवादित व्यक्ति के प्रचार-प्रसार पर आक्रोश जताया। थाना प्रभारी हिंडोलाखाल महिपाल रावत ने बताया कि कागजात नहीं होने पर वाहन को सीज कर लिया गया है। जबकि क्षेत्र का माहौल खराब न हो, इसलिए बाबा रामपाल के शिष्यों को क्षेत्र से जाने के लिए कहा गया।