देवप्रयाग। छह सूत्री मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से गुस्साए राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग के छात्र-छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार कर परिसर में तालाबंदी की। इसके बाद छात्रों ने बाजार में रैली निकालकर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री और क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दूसरी ओर चार दिनों से अनशन पर बैठे छात्र संजय भट्ट की तबियत बिगड़ने से उसे देर शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सोमवार को राजकीय महाविद्यालय के छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर परिसर में तालाबंदी की। विधायक विनोद कंडारी और उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के विरोध में नारेबाजी करते हुए छात्रों ने कहा कि मांगों के लिए विवि प्रतिनिधि संजय भट्ट विगत चार दिनों से अनशन पर बैठे है, लेकिन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। रैली के बाद आयोजित सभा में पहाड़ी छात्र सेना के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद जियाल ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक मुख्यमंत्री की घोषणाओं से मुकर रहे हैं। जबकि 12 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने नैखरी महाविद्यालय में देवप्रयाग महाविद्यालय के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा की थी। आरोप लगाया कि महाविद्यालय स्थापना से आज तक सरकार ने एक भी रुपया महाविद्यालय को नहीं दिया है। जबकि महाविद्यालय के संस्थापक स्व. आचार्य चक्रधर जोशी का नाम भी महाविद्यालय के नाम से हटा दिया गया है, जिनके प्रयासों से कि महाविद्यालय की नींव रखी गई थी। दूसरी ओर महाविद्यालय की छह सूत्री मांगों के लिए अनशन पर बैठे महाविद्यालय के विवि प्रतिनिधि संजय भट्ट की सोमवार को अनशन के चौथे दिन तबियत बिगड़ गई। देर शाम उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मौके पर छात्रसंघ अध्यक्ष बलवंत सिंह ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एनएचपीसी ने परियोजना निर्माण के लिए वर्ष 2007 में महाविद्यालय की भूमि का अधिग्रहण किया है। जबकि आज तक परियोजना का निर्माण कार्य शुरू नही हो पाया है। इस मौके पर प्रीति पुंडीर, सूरज महर, प्रीति, आरती, ऋषि, दीपक बेडवाल, तनु , किरण ,शीतल, वंदना राजीव, सूरत, मोहन, सागर, सरिता आदि शामिल थे।
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मांगे
महाविद्यालय में छात्रावास व कक्षों का निर्माण, लैब उपकरण व फर्नीचर व्यवस्था, एनसीसी की शुरूआत, एमए स्तर पर अंग्रेजी, राजनीति, विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, संस्कृत की स्वीकृति, विगत एक वर्ष से रिक्त अंग्रेजी व शिक्षाशास्त्र के प्रधानाध्यापक का पद भरे जाने सहित की भूमि से एनएचपीसीएल का अधिकार हटाने की मांघ।
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जारी
धनवीर