श्रीनगर। गढ़वाल विवि के हेप्रेक (उच्च शिखरीय पादप कायकी शोध केंद्र) के चोपता स्थित केंद्र का भ्रमण करने पहुंचे दिल्ली विवि के छात्र-छात्राओं ने पर्यटन के नाम पर बुग्यालों को हो रहे नुकसान पर चिंता जताई है। उन्होंने दिल्ली जाकर उच्च हिमालयी जंगलों और बुग्यालों के संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की बात कही।
दिल्ली विवि के स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज के 32 छात्र-छात्राओं सहित 40 सदस्यीय दल ने हेप्रेक के बनियाकुंड व चोपता स्थित प्रकृति विश्लेषण स्थल (नेचर इंटरप्रेशन सेंटर) और जननद्रव्य संग्रह केंद्र (जर्मप्लाज्म कंजरवेेशन बैंक) का भ्रमण किया। डा. शोबोगी बगहर की अगुवाई में पहुंचा दल रुद्रप्रयाग जिले में स्थित पर्यटन स्थल चोपता-तुंगनाथ की खूबसूरती से प्रभावित हुए, लेकिन बुग्याल क्षेत्र में फैली गंदगी से पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर उन्होंने दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भेजा जाएगा, ताकि पर्यटन से बहुमूल्य बुग्याल बर्बाद न हो। हेप्रेक के निदेशक प्रो. एआर नौटियाल ने संस्थान की गतिविधियों और शोध कार्यों की जानकारी दी। वहीं वैज्ञानिक डा. विजयकांत पुरोहित ने उच्च हिमालय में पाए जाने वाली औषधीय वनस्पतियों के महत्व और संरक्षण के तरीकों पर प्रकाश डाला। शोधकर्ता प्रदीप डोभाल ने दल के सदस्यों को बनियाकुंड में स्थित केंद्र का भ्रमण करवाया।