श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर के निर्माण और सुरक्षित कैंपस में शिफ्टिंग की मांग के लिए छात्र-छात्राओं का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को छात्र-छात्राओं से वार्ता करने पहुंचे मानव संसाधन विकास विभाग (एमएचआरडी) के अनुसचिव को बैरंग लौटना पड़ा।
विगत तीन अक्तूबर को लैब जाते समय बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बेकाबू कार ने एनआईटी की दो छात्राओं को टक्कर मार दी थी, जिनमें से एक छात्रा एम्स ऋषिकेश में भर्ती है। घटना से आक्रोशित छात्र-छात्राएं सुविधाजनक स्थान में शिफ्टिंग, स्थायी कैंपस के निर्माण व अन्य मांगों के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। शुक्रवार देर शाम को चारधाम यात्रा कर लौट रहे एचआरडी के अनुसचिव एके सिंह छात्र-छात्राओं से वार्ता करने पहुंचे। सिंह ने उनको बताया कि मानसून समाप्त होने के बाद भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई तेज हो गई है। 15-20 दिन में सकारात्मक परिणाम मिल जाएगा। लिहाजा वह हड़ताल छोड़कर कक्षाओं में लौट जाएं, लेकिन छात्रों ने इनकार कर दिया। संस्थान के कुलसचिव कर्नल सुखपाल सिंह ने बताया कि समय-समय पर छात्रों की समस्याओं को हल किया जाता है। स्थायी कैंपस का मामला भी अंतिम चरणों में हैं। वहीं, शनिवार को संस्थान के छात्र-छात्राओं ने सड़क दुर्घटना में घायल छात्रा नीलम के लिए मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री के टिवट्र हैंडल पर जस्टिस फॉर नीलम ट्विट किया।