::अतिक्रमण विरोधी अभियान ::
नक्शे में उलझा हाईकोर्ट का आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। शहर की सड़कों से अवैध कब्जों को हटाने के मामले में हाईकोर्ट का आदेश नक्शे में ही उलझ गया है। चिह्नीकरण पर व्यापारियों के सवाल उठाने के बाद अब प्रशासन राजस्व विभाग के वर्ष 1937 के कपड़े के नक्शे के आधार पर कार्रवाई की बात कर रहा है। इसके साथ ही व्यापारियों की शिकायतों को सुनने के लिए भी पर्याप्त समय देने की बात कही गई है।
नगर निगम कार्यालय में शुक्रवार को एसडीएम हर गिरि ने एनएच डोईवाला डिविजन के अधिकारियों और व्यापारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों के चिह्नीकरण को लेकर उठाए सवालों की जानकारी ली और दस्तावेज देखे। इसके बाद एसडीएम ने डिवीजन के अधिकारियों को व्यापारियों के दस्तावेजों को जांचने और उनकी शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए। आपत्तियों को देखते हुए एसडीएम ने राजस्व विभाग के वर्ष 1937 के मानचित्र से चिह्नीकरण कराने की बात कही। बैठक में अधिशासी अभियंता ओपी सिंह, सहायक अभियंता प्रवीण सक्सेना, नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल जयदत्त शर्मा, ललित मोहन मिश्रा, अजय गुप्ता, प्रदीप कोहली, हर्षित गुप्ता, गगनदीप बेदी, कुसुम कंडवाल, कपिल शर्मा आदि मौजूद रहे।
...तो बदलेगी कार्रवाई की तिथि
एसडीएम की मौजूदगी में एनएच डोईवाला के अधिकारियों के साथ हुई व्यापारियों की बैठक में नौ अक्टूबर को प्रस्तावित कार्रवाई पर संशय बढ़ गया है। एसडीएम हर गिरि ने बताया कि सभी शिकायतों के निस्तारण के बाद ही प्रशासन अभियान की शुरूआत करेगा। फिलहाल शिकायतें सुनी जा रही हैं। आपत्तियों को निस्तारण करने के बाद ही कार्रवाई होगी। इससे कार्रवाई की तिथि को बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।
व्यापारी एनएच के नोटिफिकेशन पर अड़े
एनएच रुड़की डिवीजन के ओर से वर्ष 2015 में शहर में बदरीनाथ नेशनल हाईवे की चौड़ाई के बाबत नोटिफिकेशन जारी किया गया था। जिसमें चंद्रभागा पुल से घाट चौक तक हाईवे की चौड़ाई 40 और उसके आगे निरंतर 80 फुट अंकित है। लिहाजा व्यापारियों ने इसे आधार मान रहे हैं। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष जयदत्त शर्मा ने बताया कि विभाग के राजमार्ग से संबंधित नोटिफिकेशन पर ही अतिक्रमण हटना चाहिए। उन्होंने कपड़े के नक्शे को मानने से इनकार कर दिया है। कहा कि मांग के बाबत प्रशासन और एनएच डोईवाला के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। मांग की अनदेखी होने पर आंदोलन के साथ ही कोर्ट जाने से व्यापारी पीछे नहीं हटेंगे।