भय से मुक्त कर देती है भागवत कथा : अमीता नंद
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर
विकासनगर। भागवत पुराण हिंदुओं के 18 पुराणों में से एक पुराण है जो भक्ति योग पर आधारित है। श्रीमद् भागवत कथा मानव को मृत्यु के भय से मुक्त कर देती है। जिन पर परमात्मा की विशेष कृपा होती है, वही व्यक्ति इस कथा मंडप तक पहुंच पाते हैं।
ये बातें श्रीमद् भागवत कथा समिति हरबर्टपुर के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन प्रवचन करते हुए कथा व्यास शिवोहम बाबा अमीता नंद महाराज ने कहीं। कथा व्यास ने कहा कि जीव ईश्वर का स्वरूप होते हुए भी ईश्वर को पहचानने का प्रयत्न नहीं करता है। इसी कारण उसे आंनद की प्राप्ति नहीं होती है। भागवत जीवन दर्शन का ग्रंथ है। यह जीवन जीने की कला का मार्ग दर्शन करता है। भागवत की भक्ति का आदर्श कृष्ण की गोपियां हैं। गोपियों ने घर नहीं छोड़ा। उन्होंने स्वधर्म त्याग नहीं किया वे वन में भी नहीं गई फिर भी उन्होंने भगवान को प्राप्त कर लिया। भागवत ज्ञान, वैराग्य को जागृत करने की कथा है। ज्ञान और वैराग्य मनुष्य के अंदर हैं, पर वह सोए हुए हैं। इस मौके पर राजपाल चौरसिया, जनार्दन जोशी, रविंद्र बजाज, अमित चौरसिया, दिनेश कौशिक, विनोद कश्यप, रामकुमार, नीरु देवी, काजल, नीलम, केला शर्मा, बीना शर्मा, गीता, प्रीति चौरसिया, अनिता, मनोज, हितेश जोशी, रामकुमार, राजीव आदि मौजूद रहे।