ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती । मुनिकीरेती के चौदहबीघा राजीवग्राम स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का आंगनबाड़ी केंद्र जीर्णशीर्ण भवन में जैसे तैसे संचालित हो रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुध लेने को तैयार नहीं हैं। यहां बच्चों को जीर्णशीर्ण भवन में पठन पाठन को मजबूर होना पड़ रहा है। बरसात के समय बच्चों को टपकती छत के नीचे बैठना पड़ रहा है। स्कूल प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से इस बाबत कई दफा शिक्षा महकमे को अवगत कराया जा चुका है, मगर अफसर मामले का संज्ञान लेना मुनासिब नहीं समझ रहे ।
जीर्णशीर्ण आंगनबाड़ी भवन में दीवारों की सीलन और छत के टपकने से टाट पट्टी, बैंच, टेबल, ब्लैक बोर्ड, बच्चों की खेल सामग्री, आलमारी आदि खराब हो गए है। भवन की छत से लगातार प्लास्टर गिर रहा है, जिससे कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है। कमरों में जलभराव व सीलन और दुर्गंध से बच्चों के बीमार होने का खतरा भी बढ़ गया है। केंद्र का संचालक सरोजबाला ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र में वर्तमान में करीब 20 बच्चे पंजीकृत हैं। भवन की स्थिति से विभाग को अवगत कराया जा चुका है, मरम्मत कार्य विभागीय स्तर से ही किया जाना है।
क्या कहते हैं अधिकारी
नरेंद्रनगर ब्लॉक के अंतर्गत कई विद्यालय भवन ऐसे हैं, जिनकी स्थिति वास्तव में ठीक नहीं हैं। कई विद्यालयों से लिखित व मौखिक रूप से शिकायतें मिली हैं। इस बार आपदा मद के तहत ब्लॉक से करीब 22 विद्यालयों का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद ऐसे जीर्णशीर्ण विद्यालय भवन की मरम्मत की जाएगी।
- पंकज कुमार उप्रेती, उच्च शिक्षा अधिकारी नरेंद्रनगर।